ट्रैफिक मार्शल योजना विवादों में, वीडियो में जाने चार माह से वेतन न मिलने और हटाने के आरोपों पर प्रदर्शन तेज
जयपुर शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से शुरू की गई ट्रैफिक मार्शल योजना अब विवादों के घेरे में आ गई है। इस योजना के तहत कार्यरत युवाओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्हें पिछले चार महीनों से वेतन नहीं दिया गया है और अब बिना किसी लिखित आदेश के मौखिक रूप से ड्यूटी से हटाया जा रहा है।
वेतन और नौकरी को लेकर नाराज ट्रैफिक मार्शलों ने विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में युवा पहले रामनिवास बाग में एकत्र हुए और इसके बाद अपनी मांगों को लेकर सिविल लाइंस पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी समस्याएं पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के सामने रखीं और न्याय की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना है कि उन्होंने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन अब उन्हें न तो समय पर वेतन मिल रहा है और न ही उनकी सेवाओं की कोई स्पष्ट स्थिति बताई जा रही है। कई युवाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें अचानक ड्यूटी से हटाने की बात कही जा रही है, जिससे उनका भविष्य अनिश्चित हो गया है।
रामनिवास बाग से सिविल लाइंस तक पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने सरकार और संबंधित विभागों से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की। उनका कहना है कि यह योजना युवाओं को रोजगार देने और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए शुरू की गई थी, लेकिन अब यह उनके लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है।
इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि प्रदर्शन और आरोपों के बाद मामले ने राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है।ट्रैफिक मार्शलों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। इस घटनाक्रम ने जयपुर की ट्रैफिक व्यवस्था और योजना के क्रियान्वयन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।