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राजस्थान के युवाओं को मिलेगा विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण, वीडियो में देंखे ग्लोबल रोजगार के नए अवसर खोलने की पहल

 

राजस्थान सरकार ने राज्य के युवाओं को वैश्विक रोजगार बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने घोषणा की है कि प्रदेश के युवाओं को अब जर्मन, जापानी, फ्रेंच, रूसी और कोरियन जैसी विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उनके लिए देश और विदेश दोनों जगह रोजगार के नए अवसर खुल सकें।जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में शुक्रवार को आयोजित “विदेशी भाषा और संचार कौशल कार्यक्रम” के दौरान मुख्यमंत्री ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं को केवल शिक्षा तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर करियर बना सकें।

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि इस योजना के माध्यम से युवाओं के लिए “ग्लोबल करियर” के दरवाजे खुलेंगे और वे विभिन्न देशों में नौकरी और व्यवसाय के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि भाषा कौशल भी रोजगार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।सरकार ने इस दिशा में आगे बढ़ते हुए इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेजेस यूनिवर्सिटी और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के साथ समझौता किया है। इस साझेदारी के तहत युवाओं को संरचित प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र और रोजगार से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के शिक्षित युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को मल्टीनेशनल कंपनियों और विदेशी संस्थानों में नौकरी के अवसर मिलने की संभावना बढ़ेगी।विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल राजस्थान को स्किल डेवलपमेंट और ग्लोबल एम्प्लॉयमेंट हब के रूप में स्थापित करने में मदद कर सकती है। इससे न केवल युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति को भी गति मिलेगी।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को रोजगार के क्षेत्र में एक सकारात्मक और दूरदर्शी कदम बताया। फिलहाल, सरकार इस योजना के क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार कर रही है, और जल्द ही प्रशिक्षण कार्यक्रमों की शुरुआत की संभावना जताई जा रही है।