देश में पहली बार होगा राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण, वीडियो में देंखे अप्रैल 2026 से शुरू होगी प्रक्रिया
देश में पहली बार राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण (National Household Income Survey) आयोजित किया जाएगा। यह सर्वेक्षण अप्रैल 2026 से मार्च 2027 के बीच पूरे देश में किया जाएगा। इस सर्वे में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से उनकी आय और आय के स्रोतों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। इस पहल का उद्देश्य देश में घरेलू आय से जुड़े विश्वसनीय और व्यापक आंकड़े तैयार करना है।
यह सर्वेक्षण भारत की सामाजिक-आर्थिक सांख्यिकी प्रणाली में लंबे समय से महसूस की जा रही एक बड़ी कमी को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अभी तक देश में घरेलू आय के संबंध में कोई व्यापक और अखिल भारतीय स्तर का सर्वेक्षण नहीं किया गया था। ऐसे में यह सर्वे सरकार को आम लोगों की आय, रोजगार के स्रोत और आर्थिक स्थिति को बेहतर तरीके से समझने में मदद करेगा।
यह सर्वे भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत कराया जाएगा। इस सर्वेक्षण का संचालन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा किया जाएगा। इसमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में परिवारों की आय का आकलन किया जाएगा और यह भी देखा जाएगा कि लोग किन-किन स्रोतों से आय प्राप्त कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार सर्वेक्षण के दौरान परिवारों से उनकी आय के विभिन्न स्रोतों जैसे नौकरी, व्यवसाय, खेती, मजदूरी, पेंशन, किराया या अन्य आय के साधनों के बारे में विस्तृत जानकारी ली जाएगी। इससे सरकार को देश की आर्थिक संरचना को समझने और भविष्य की नीतियां बनाने में मदद मिलेगी।
राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण 2026-27 की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। इसी क्रम में मंगलवार को जयपुर में एक होटल में क्षेत्रीय स्तर का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सर्वे से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को सर्वेक्षण की प्रक्रिया, डेटा संग्रहण और तकनीकी पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों को बताया गया कि सर्वेक्षण के दौरान डेटा एकत्र करते समय पारदर्शिता और सटीकता बनाए रखना बेहद जरूरी होगा। इसके साथ ही सर्वे से जुड़े कर्मचारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि लोगों से जानकारी लेते समय उनकी गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सर्वे से देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति का बेहतर आकलन किया जा सकेगा। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि अलग-अलग वर्गों और क्षेत्रों में आय का स्तर क्या है और आर्थिक असमानता किस स्तर तक मौजूद है।
इसके अलावा यह सर्वे सरकार को गरीबी उन्मूलन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और रोजगार से जुड़ी नीतियों को अधिक प्रभावी बनाने में भी मदद करेगा। आंकड़ों के आधार पर सरकार जरूरतमंद वर्गों के लिए नई योजनाएं भी तैयार कर सकती है।
इस प्रकार राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण 2026-27 देश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे सरकार को नीति निर्माण के लिए ठोस आंकड़े मिलेंगे और देश के विकास की दिशा में बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।