जयपुर में दौड़ी पहली गुलाबी इलेक्ट्रिक बस, फुटेज में देंखे तीन दिन का ट्रायल शुरू
राजधानी जयपुर में गुरुवार को पहली गुलाबी इलेक्ट्रिक बस सड़कों पर दौड़ती नजर आई। यह बस जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (JCTSL) द्वारा पब्लिक ट्रांसपोर्ट को आधुनिक और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में उठाए गए बड़े कदम का हिस्सा है।
शहर में इलेक्ट्रिक बसों के तीन दिवसीय ट्रायल की शुरुआत की गई है। इस ट्रायल में 9 और 12 मीटर लंबाई की आधुनिक ई-बसों की तकनीकी क्षमता, बैटरी परफॉर्मेंस और यात्री सुविधाओं की जांच की जा रही है। ट्रायल के दौरान बसों को शहर के प्रमुख रूटों पर चलाकर उनकी लोड क्षमता, चार्जिंग क्षमता और संचालन की व्यवहारिक स्थिति का अध्ययन किया जा रहा है।
अग्रवाल फार्म से सुबह 11 बजे पहली बस ट्रायल के लिए रवाना हुई। JCTSL के अधिकारियों ने बताया कि ट्रायल सफल रहने पर जून तक 300 से ज्यादा नई इलेक्ट्रिक बसें शहर की सिटी ट्रांसपोर्ट सेवा में शामिल हो सकती हैं। इससे न केवल सार्वजनिक परिवहन की तस्वीर बदल जाएगी, बल्कि जयपुर का पर्यावरणीय प्रभाव भी कम होगा।
इस पहल का उद्देश्य राजधानी जयपुर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को आधुनिक, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। अधिकारी मानते हैं कि इलेक्ट्रिक बसों के आने से शहर में वाहनों से निकलने वाला प्रदूषण और ईंधन पर निर्भरता दोनों कम होंगे। इसके साथ ही, यात्रियों को भी बेहतर और आरामदायक सुविधाएँ मिलेंगी।
ट्रायल के दौरान बसों के प्रदर्शन और तकनीकी विशेषताओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि बसों के संचालन में किसी भी तरह की समस्या होने पर उसे तुरंत नोट किया जाएगा और सुधार के बाद ही नियमित संचालन की अनुमति दी जाएगी।
JCTSL के अधिकारी ने कहा, “यह ट्रायल हमारी इलेक्ट्रिक बस योजना की नींव है। यदि सबकुछ योजना के अनुसार चलता है, तो जून तक जयपुर में सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह इलेक्ट्रिक और पर्यावरण-मित्रवत हो सकता है। यह शहर के यातायात और पर्यावरण के लिए एक बड़ा सुधार होगा।”
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों के इस्तेमाल से न केवल कार्बन उत्सर्जन कम होगा, बल्कि शहर के परिवहन नेटवर्क में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल भी बढ़ेगा। इससे आम नागरिकों को अधिक सुविधाजनक, सस्ती और सुरक्षित यात्रा का विकल्प मिलेगा।
कुल मिलाकर, जयपुर में पहली गुलाबी इलेक्ट्रिक बस का ट्रायल शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट के भविष्य की दिशा को दर्शाता है। आने वाले महीनों में जब 300 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें सेवा में शामिल होंगी, तो जयपुर की सिटी ट्रांसपोर्ट प्रणाली आधुनिक, टिकाऊ और प्रदूषण मुक्त बनने की ओर अग्रसर होगी।