मुख्यमंत्री बोले सुविधाओं का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं, वीडियो में जानें संस्थान ने एक कर्मचारी को लिख दिए च्यवनप्राश के 75 डब्बे
जयपुर के जोरावर सिंह गेट स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए) ने सोमवार को अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर स्वर्ण जयंती समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के दुरुपयोग पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सरकारी संसाधनों का गलत इस्तेमाल किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने समारोह में उदाहरण देते हुए बताया कि एक ही कर्मचारी के नाम च्यवनप्राश के 75 डब्बे लिखे गए, जो पूरी तरह अनुचित है। उनका कहना था कि यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है और इसे तुरंत सुधारने की आवश्यकता है। उन्होंने कर्मचारियों और अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी सुविधाओं का लाभ केवल जरूरतमंद और योग्य लोगों तक ही सीमित होना चाहिए।
स्वर्ण जयंती समारोह में बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, चिकित्सक, छात्र और पूर्व छात्र मौजूद रहे। कार्यक्रम में केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रताप राव जाधव, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, विधायक बालमुकुंद आचार्य और पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ भी उपस्थित थे।
समारोह में आयुर्वेदिक चिकित्सा क्षेत्र में संस्थान की उपलब्धियों को भी सराहा गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान न केवल शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है, बल्कि यह स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में भी अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कर्मचारियों और छात्रों से अपील की कि वे आयुर्वेदिक चिकित्सा के मूल सिद्धांतों का पालन करते हुए सेवा भावना के साथ कार्य करें।
प्रताप राव जाधव ने अपने संबोधन में कहा कि आयुष मंत्रालय सरकार की प्राथमिकताओं में स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक चिकित्सा को महत्वपूर्ण स्थान देता है। उन्होंने कहा कि संस्थान ने पिछले 50 वर्षों में आयुर्वेद के क्षेत्र में जो योगदान दिया है, वह सराहनीय है और आने वाले वर्षों में इसे और मजबूत किया जाएगा।
समारोह में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का सही तरीके से उपयोग सुनिश्चित करना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गलत प्रथाओं पर नजर रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान ने इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया। छात्र और पूर्व छात्र अपने अनुभव साझा करते हुए आयुर्वेदिक चिकित्सा के महत्व और संस्थान में मिले प्रशिक्षण की सराहना की। समारोह में आयुर्वेदिक दवाओं और उपचार विधियों के प्रदर्शन भी किए गए, जो उपस्थित लोगों के लिए ज्ञानवर्धक रहे।
इस स्वर्ण जयंती समारोह ने यह संदेश भी दिया कि सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता और नैतिकता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री के सख्त रुख और अधिकारियों की सक्रियता से यह स्पष्ट हो गया कि सरकारी सुविधाओं के दुरुपयोग पर किसी भी प्रकार की सहनशीलता नहीं होगी।
इस प्रकार, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान की 50वीं वर्षगांठ समारोह ने न केवल संस्थान की उपलब्धियों को उजागर किया, बल्कि सरकारी सुविधाओं के उचित उपयोग और पारदर्शिता की भी महत्वपूर्ण सीख दी।