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जयपुर हाईकोर्ट गेट नंबर 3 पर 10 दिन पुराना वकीलों का धरना समाप्त, डॉ. सोनदेव बंसल की गिरफ्तारी की मांग पर सहमति

 

राजस्थान की राजधानी जयपुर में हाईकोर्ट गेट नंबर 3 के बाहर डॉ. सोनदेव बंसल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चल रहा वकीलों का धरना आखिरकार समाप्त हो गया। यह धरना लगभग 10 दिनों तक चला और इसके दौरान हाईकोर्ट के बाहर वकीलों ने अपने मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

धरने के समापन के बाद अधिकारियों और वकीलों के बीच 7 बिंदुओं पर सहमति बन गई है। इस सहमति के तहत मुख्य तौर पर आरजीएचएस जांच को 20 दिन में पूरा करने और एसआईटी (विशेष जांच टीम) गठित करने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के बाद हाईकोर्ट के गेट के सामने लंबित विरोध प्रदर्शन को समाप्त कर दिया गया और रास्ता भी खोल दिया गया।

वकीलों ने कहा कि उनकी मांग न्यायपूर्ण थी और प्रशासन और अधिकारियों के साथ संवाद के बाद उन्हें विश्वास हुआ कि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। उन्होंने कहा कि एसआईटी की निगरानी में सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

अधिकारियों ने वकीलों को भरोसा दिलाया कि आरजीएचएस जांच 20 दिन के अंदर पूरी की जाएगी और उसके बाद जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी। एसआईटी गठित होने से जांच में तेजी आएगी और मामले की सही निष्पक्षता सुनिश्चित होगी।

धरने के दौरान हाईकोर्ट परिसर और आसपास का क्षेत्र प्रभावित रहा। वकीलों के धरने के कारण गेट नंबर 3 के आसपास आम और वकीलों दोनों के लिए प्रवेश बाधित हुआ था। धरने के समापन के साथ ही हाईकोर्ट परिसर में सामान्य गतिविधियाँ फिर से शुरू हो गई हैं और सभी मार्ग सामान्य हो गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के धरने और प्रदर्शन न्यायिक और प्रशासनिक प्रक्रिया पर दबाव डालने का तरीका होते हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय और निष्पक्ष जांच के माध्यम से ही मामले का समाधान सुनिश्चित किया जा सकता है।

वकीलों ने भी माना कि सहमति के बाद धरना समाप्त करना उचित था। उन्होंने कहा कि अब उनका ध्यान न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्पक्ष परिणाम की ओर रहेगा। इस कदम से प्रशासन और वकील दोनों के बीच विश्वास और संवाद का नया रास्ता भी खुल गया है।

इस घटना ने यह भी दिखाया कि न्यायिक मामलों और संवेदनशील मुद्दों पर वकीलों की भागीदारी और सक्रियता महत्वपूर्ण होती है। सहमति और गहन जांच के बाद ही मामले का सही समाधान संभव है।