जयपुर में फर्जी पहचान से आतंकी नेटवर्क का खुलासा, एक साल तक इलेक्ट्रिशियन बनकर रह रहा था आरोपी
राजधानी जयपुर में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े फर्जी पहचान और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े मामले का खुलासा किया है। जानकारी के अनुसार, उमर हारिस उर्फ ‘खरगोश’ नाम का एक संदिग्ध व्यक्ति करीब एक साल तक गुमनाम रहकर शहर में रह रहा था और इलेक्ट्रिशियन का काम करते हुए अपना नेटवर्क तैयार कर रहा था।
आरोप है कि इस दौरान उसने फर्जी किराएनामे के आधार पर पहचान पत्र और पासपोर्ट जैसे दस्तावेज तैयार कराए। इन दस्तावेजों की मदद से वह विदेश यात्रा करने में भी सफल रहा और इंडोनेशिया व सऊदी अरब तक उसकी आवाजाही की जानकारी सामने आई है।
जयपुर में सामने आए इस मामले ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी ने फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर न केवल खुद को छिपाया, बल्कि एक संभावित नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश भी की।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, आरोपी की गतिविधियों, संपर्कों और विदेश यात्राओं की विस्तृत जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसे फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किसने मदद की और क्या स्थानीय स्तर पर कोई सहयोगी नेटवर्क सक्रिय था।
पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब आरोपी के बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड और यात्रा विवरण की जांच कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा जा सके। मामले को गंभीरता से लेते हुए कई स्तरों पर पूछताछ जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि यह मामला फर्जी पहचान के जरिए अंतरराष्ट्रीय आवाजाही और संभावित सुरक्षा खतरे की ओर इशारा करता है, इसलिए इसकी गहन जांच की जा रही है।
फिलहाल, जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई में जुटी हैं और जल्द ही इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।