कॉमर्शियल और घरेलू सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित, फुटेज में देंखे कालाबाजारी और हंगामा
राजस्थान में कॉमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने लगी है। जहां सिलेंडर मिल रहे हैं, वहां कालाबाजारी और अव्यवस्था की शिकायतें सामने आ रही हैं। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि होटल, रेस्टॉरेंट और हॉस्टल उद्योग पर भी असर पड़ रहा है।
टोंक जिले में भारत गैस की एक एजेंसी ने पोषाहार और भोजन वितरण के लिए दी जाने वाली सिलेंडरों की सप्लाई रोक दी। इससे इलाके में स्कूल और सामाजिक पोषण कार्यक्रम प्रभावित हुए हैं।
अलवर में बुधवार सुबह भारत गैस एजेंसी के ऑफिस में घरेलू सिलेंडर को लेकर हंगामा हुआ। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि ग्राहकों से बचने के लिए एजेंसी के मालिक ने खुद को ऑफिस में लॉक कर लिया। स्थानीय पुलिस ने भी स्थिति पर काबू पाने की कोशिश की।
जयपुर में कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत में जबरदस्त उछाल आया है। सामान्यतः 1911 रुपए में मिलने वाले सिलेंडर अब 2500 रुपए से अधिक में बिक रहे हैं। होटल और रेस्टॉरेंट मालिकों ने इस पर नाराजगी जताई है और कहा कि इस उछाल से उनकी रोजमर्रा की ऑपरेशन और भोजन निर्माण प्रभावित हो रहा है।
कोटा जिले में सिलेंडर की सप्लाई बंद होने के कारण कई मैस और हॉस्टल ने खाना बनाना रोक दिया। छात्रों और अन्य निवासियों को भोजन के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह संकट अंतरराष्ट्रीय घटनाओं और मध्य पूर्व में जारी तनाव से जुड़ा हुआ है, जिससे वैश्विक ऊर्जा और एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर कालाबाजारी और एजेंसियों की लापरवाही ने स्थिति और गंभीर बना दी है।
राजस्थान गैस एजेंसी एसोसिएशन ने कहा है कि वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और अगर किसी एजेंसी में दोष पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से भी अपील की है कि सिर्फ मान्यता प्राप्त एजेंसियों से ही सिलेंडर खरीदें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
होटल, रेस्टॉरेंट और हॉस्टल उद्योग का कहना है कि सिलेंडर की असमय और महंगी सप्लाई से उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि सरकार और एजेंसियों को फौरन कदम उठाकर सप्लाई को नियमित और किफायती बनाना चाहिए।
राजस्थान के कई शहरों में सिलेंडर की लंबी कतारें लग रही हैं। लोग कई घंटों तक लाइन में खड़े रहते हैं, लेकिन सभी को समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। प्रशासन ने कहा है कि संकट का प्रभाव अल्पकालिक हो सकता है, लेकिन स्थिति पर निगरानी और तत्काल कदम जरूरी हैं।
इस तरह, राजस्थान में गैस संकट ने आम जनता और व्यवसाय दोनों को प्रभावित किया है। कॉमर्शियल और घरेलू सिलेंडर की कालाबाजारी, बढ़ती कीमतें और सप्लाई की अनियमितता चिंता का सबब बन गई हैं।