राजस्थान में यूडी टैक्स को लेकर सख्त निर्देश: पारदर्शी वसूली पर जोर, वीडियो में देंखे कुर्की मामलों में राहत का प्रावधान
राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने यूडी टैक्स (Urban Development Tax) संग्रह प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। शुक्रवार को हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में शासन सचिव Ravi Jain ने टैक्स वसूली व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए।बैठक के दौरान सचिव रवि जैन ने कहा कि टैक्स निर्धारण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सटीक और त्रुटिरहित होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार का संशोधन केवल मौके पर किए गए निरीक्षण के बाद ही किया जाए, ताकि करदाताओं के साथ न्याय सुनिश्चित किया जा सके और किसी भी तरह की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि नगर निगम स्तर पर एक विशेष समिति का गठन किया जाए, जो उन मामलों की सुनवाई करेगी जिनमें कुर्की (जप्ती) की कार्रवाई प्रस्तावित होती है। इस समिति का उद्देश्य विवादित मामलों की निष्पक्ष समीक्षा करना और करदाताओं को उचित अवसर प्रदान करना होगा।सचिव ने कहा कि सुनवाई के बाद संबंधित करदाता को बकाया राशि जमा करने के लिए दो दिन का समय अनिवार्य रूप से दिया जाए। इससे लोगों को अंतिम अवसर मिलेगा और वे समय रहते अपनी देनदारियों का निपटारा कर सकेंगे।
अधिकारियों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से टैक्स वसूली प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम नागरिकों का विश्वास भी मजबूत होगा। साथ ही, अनावश्यक कठोर कार्रवाई से बचा जा सकेगा और प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक संतुलित बनेगी।बैठक में यह भी चर्चा हुई कि टैक्स संग्रह अभियान को तेज करने के साथ-साथ डिजिटल मॉनिटरिंग को भी मजबूत किया जाएगा, ताकि प्रत्येक मामले की वास्तविक समय पर निगरानी हो सके। फिलहाल, इन निर्देशों के लागू होने के बाद नगर निगमों में टैक्स वसूली प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव देखने की उम्मीद है, जिससे प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा।