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आरजीएचएस फर्जीवाड़ा मामले में SOG की बड़ी कार्रवाई, वीडियो में देखें दो डॉक्टर गिरफ्तार; संगठित गिरोह पर गंभीर आरोप

 

राजस्थान गर्वमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) से जुड़े फर्जीवाड़ा मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीकर के एसके हॉस्पिटल के पूर्व अधीक्षक डॉक्टर कमल कुमार अग्रवाल और एक निजी लैब संचालक डॉक्टर बनवारी लाल को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद चिकित्सा क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

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जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला आरजीएचएस योजना के तहत किए गए चिकित्सा परीक्षणों में अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि इन दोनों सहित एक संगठित गिरोह ने मिलकर निजी लैब और सेंटर को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए बिना चिकित्सकीय आवश्यकता के कई जांचें करवाईं, जिससे सरकारी योजना को आर्थिक नुकसान पहुंचा।

इस पूरे मामले में पहले ही मेडिकल एंड हेल्थ डिपार्टमेंट ने सख्त कदम उठाते हुए परियोजना निदेशक की अनुशंसा पर एसके हॉस्पिटल के अधीक्षक सहित कुल 7 डॉक्टरों को निलंबित कर दिया था। ये सभी डॉक्टर सीकर मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों और सीकर क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात थे।

जांच में यह भी सामने आया है कि यह कथित गिरोह लंबे समय से योजना के तहत होने वाली मेडिकल जांचों को प्रभावित कर रहा था और निजी सेंटरों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी की जा रही थी। इसके लिए मरीजों को अनावश्यक टेस्ट कराने के लिए प्रेरित किया जाता था, जिससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा था।

SOG की प्रारंभिक जांच में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे और इस फर्जीवाड़े का दायरा कितना बड़ा था।

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि आरजीएचएस जैसी स्वास्थ्य योजनाओं का उद्देश्य आम जनता को बेहतर और मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन कुछ लोगों की मिलीभगत से इस व्यवस्था का दुरुपयोग किया गया, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।