राजस्थान में शिया समुदाय नहीं मनाएगा ईद, वीडियो में देंखे आयतुल्लाह खामनेई के निधन पर शोक
राजस्थान में शिया समुदाय ने इस वर्ष ईद का त्यौहार न मनाने का निर्णय लिया है। यह फैसला ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद अली खामनेई के निधन के शोक में लिया गया है। समुदाय के इस फैसले के बाद प्रदेशभर में ईद सादगी और शोक के माहौल में मनाई जाएगी।
शिया समुदाय के अनुसार, इस बार ईद पर कोई भी खुशी का आयोजन नहीं किया जाएगा। नमाज के दौरान लोग काली पट्टी बांधकर इबादत करेंगे, जो शोक का प्रतीक होगी। इतना ही नहीं, पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं और बच्चे भी नए कपड़े नहीं पहनेंगे और पारंपरिक उत्सव जैसा माहौल नहीं होगा।
जयपुर की आमेर रोड स्थित शिया जामा मस्जिद के इमाम सैयद नाजिश अकबर काजमी ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए बताया कि यह निर्णय पूरे शिया समुदाय की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष घरों में न तो सेवइयां बनाई जाएंगी और न ही अन्य मीठे पकवान तैयार किए जाएंगे।
इमाम काजमी के अनुसार, लोग एक-दूसरे को ईद की बधाई भी नहीं देंगे और पूरे दिन सादगी के साथ इबादत करेंगे। उन्होंने बताया कि यह फैसला केवल राजस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के शिया समुदाय द्वारा सामूहिक रूप से लिया गया है।
समुदाय के लोगों का कहना है कि यह निर्णय उनके धार्मिक और भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है। ईरान के सर्वोच्च नेता के निधन को वे एक बड़ी क्षति मानते हैं और इसी कारण इस वर्ष उत्सव की बजाय शोक व्यक्त किया जा रहा है।
गौरतलब है कि ईद मुस्लिम समुदाय का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है, जिसे आमतौर पर खुशी, भाईचारे और उत्साह के साथ मनाया जाता है। हालांकि, इस बार शिया समुदाय ने परंपराओं से हटकर शोक के रूप में इसे मनाने का निर्णय लिया है।
इस फैसले के बाद राज्यभर में शिया समुदाय के बीच एक अलग ही माहौल देखने को मिल रहा है, जहां खुशियों की जगह सादगी और श्रद्धांजलि का भाव प्रमुख रहेगा।