राजस्थान में कड़ाके की ठंड का कहर, वीडियो में जानें शीतलहर से जनजीवन अस्त-व्यस्त, किसानों की बढ़ी चिंता
राजस्थान में दो दिन पहले हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद अब प्रदेश भीषण शीतलहर की चपेट में आ गया है। बर्फीली हवाओं के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है, वहीं खुले इलाकों में पाला जमने से ठंड और भी ज्यादा तीव्र हो गई है।
शनिवार रात को सीकर जिले में न्यूनतम तापमान माइनस 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान माना जा रहा है। सीकर के अलावा शेखावाटी क्षेत्र के अन्य जिलों—झुंझुनूं और चूरू—में भी कड़ाके की ठंड ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है। सुबह और रात के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है, जबकि बाजारों में भी रौनक कम हो गई है।
शीतलहर का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ता दिखाई दे रहा है। शेखावाटी क्षेत्र में पाला जमने के कारण सरसों, चना, गेहूं और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। खेतों में जमी बर्फ की परत ने फसलों को झुलसा दिया है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई किसानों का कहना है कि यदि ठंड का यही प्रकोप जारी रहा, तो उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के असर से पहले हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं ने राजस्थान में ठंड को और तेज कर दिया है। मौसम विशेषज्ञों ने रविवार को प्रदेश के सात जिलों—सीकर, चूरू, झुंझुनूं, नागौर, बीकानेर, हनुमानगढ़ और गंगानगर—में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तापमान और गिरने तथा पाले की स्थिति बने रहने की संभावना है।
हालांकि 26 जनवरी को प्रदेश में मौसम साफ रहने की उम्मीद जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस दिन कोल्ड-वेव से थोड़ी राहत मिल सकती है और दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। गणतंत्र दिवस के अवसर पर अधिकांश हिस्सों में धूप खिलने की संभावना है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।
लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। मौसम विभाग ने 27 जनवरी को उत्तर-पूर्वी राजस्थान के जिलों में एक बार फिर मौसम बदलने की चेतावनी जारी की है। इस दौरान बादल छाने, तेज हवाएं चलने, हल्की से मध्यम बारिश होने और कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है। इससे ठंड का असर दोबारा बढ़ सकता है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और ठंड से बचाव के लिए जरूरी एहतियात बरतने की अपील की है। वहीं, किसानों को फसलों को पाले से बचाने के लिए उचित उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। फिलहाल प्रदेश में ठंड का यह दौर जारी है और आने वाले दिनों में मौसम पर सभी की नजर बनी हुई है।