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जेजेएम घोटाले में फरार IAS अधिकारी सुबोध अग्रवाल की तलाश जारी, वीडियो में देंखे 40 पुलिस टीमों ने चलाया विशेष अभियान

 

राजस्थान में जेजेएम घोटाले के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया हुआ है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य **सुबोध अग्रवाल और अन्य फरार आरोपियों को पकड़ना है। यह अभियान 17 फरवरी 2026 से जारी है और उच्च स्तरीय पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। अभियान में उप महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में कुल 40 पुलिस टीमों को तैनात किया गया है। इन टीमों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप अधीक्षक और पुलिस निरीक्षक शामिल हैं। सभी टीमों को फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाने और दबिश देने का जिम्मा सौंपा गया है।

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जानकारी के अनुसार, 18 फरवरी को सुबोध अग्रवाल के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया था, ताकि वह देश से बाहर न जा सकें। आरोपियों की तलाश में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) भी सक्रिय है। पुलिस ने इस अभियान के तहत देश के करीब 21 शहरों में 100 से ज्यादा ठिकानों पर तलाशी ली है। तलाशी में प्रमुख शहरों में जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, कोटा, नई दिल्ली, चंडीगढ़, फरीदाबाद, नोएडा, मेरठ और मुंबई शामिल हैं। इन शहरों में आरोपियों के घर, रिश्तेदारों के आवास, होटल, फ्लैट और फार्म हाउस पर पुलिस ने दबिश दी। पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य आरोपियों को कहीं छिपने का अवसर न देना और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करना है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जेजेएम घोटाला राज्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला है। इसके आरोपी उच्च पदों पर रहे अधिकारियों में शामिल हैं, इसलिए उनकी गिरफ्तारी राज्य और केंद्र सरकार की नीतियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान कई अहम सुराग मिले हैं, लेकिन सुबोध अग्रवाल और कुछ अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। इसके लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है और सभी संभावित मार्गों पर पुलिस तैनात है।

राज्य में यह अभियान यह संदेश देने के लिए भी महत्वपूर्ण है कि भ्रष्टाचार के मामलों में कोई भी आरोपी सुरक्षित नहीं है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी को आरोपियों की जानकारी हो तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। जेजेएम घोटाले के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे इस अभियान की सफलता राज्य में कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार विरोधी प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस का दावा है कि अभियान जारी रहेगा और जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।

अभियान के तहत पुलिस ने तकनीकी और खुफिया जानकारी का भी इस्तेमाल किया है। अब तक की तलाशी और छापेमारी में कई दस्तावेज और सुराग हाथ लगे हैं, जो आगे की कार्रवाई में मददगार साबित हो सकते हैं। राजस्थान पुलिस और ACB के इस संयुक्त अभियान से राज्य और केंद्र में बड़े पैमाने पर हो रहे भ्रष्टाचार के मामलों पर कड़ा संदेश गया है कि आरोपी चाहे किसी भी पद पर क्यों न रहे, वह कानून से बच नहीं सकता।