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तीन से अधिक संतान होनी चाहिए, वीडियो में देंखे आरएसएस के क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेशचंद्र अग्रवाल

 

Rashtriya Swayamsevak Sangh (आरएसएस) के क्षेत्र संघचालक Dr. Rameshchandra Agrawal ने जनसंख्या को लेकर बयान देते हुए कहा कि एक व्यक्ति के तीन से अधिक संतान होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में जनसंख्या संतुलन बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है।

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डॉ. अग्रवाल ने सोमवार को सेवा सदन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि संघ के सरसंघचालक Mohan Bhagwat ने भी हाल ही में अलग-अलग स्थानों पर इस विषय को स्पष्टता के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण से रखा है। उनके अनुसार जनसंख्या से जुड़ा यह विषय समाज के भविष्य से जुड़ा हुआ है और इसे गंभीरता से समझने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि आज हिंदू समाज की जनसंख्या घटने की बात सामने आ रही है। ऐसे में जनसंख्या संतुलन बनाए रखना जरूरी है। संघ के नेतृत्व में पहले भी यह सुझाव दिया गया था कि प्रत्येक परिवार में कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि जनसंख्या का असंतुलन कई सामाजिक और आर्थिक समस्याओं को जन्म दे सकता है। इसलिए समाज को इस विषय पर जागरूक होना चाहिए और संतुलित जनसंख्या बनाए रखने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि न्यूनतम तीन बच्चे होने चाहिए, लेकिन यदि चार या पांच संतान भी हों तो उसमें कोई आपत्ति नहीं है। उनके अनुसार जनसंख्या संतुलन की दिशा में यह एक स्वाभाविक समाधान हो सकता है।

पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने समाज में सेवा, संगठन और जागरूकता के विभिन्न विषयों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि समाज के विकास और संतुलन के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

डॉ. अग्रवाल के इस बयान के बाद जनसंख्या और सामाजिक संतुलन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि इस विषय पर अलग-अलग वर्गों के अपने-अपने विचार भी सामने आ सकते हैं। 📰