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राजस्थान में सरकारी स्कूलों पर 12,335 करोड़ खर्च होंगे, वीडियो में देंखे हाईकोर्ट में पेश हुआ 5 साल का रोडमैप

 

राजस्थान सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों की स्थि सुधारने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इस योजना के तहत जर्जर हो चुके स्कूल भवनों की मरम्मत, नई इमारतों का निर्माण और आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।मुख्य सचिव ने हाईकोर्ट में पेश अपने शपथ पत्र में बताया कि इस योजना के तहत स्कूलों में शौचालयों का निर्माण भी प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा, ताकि छात्रों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।

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यह कदम उस समय उठाया गया है जब हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई थी। महेंद्र गोयल और अशोक जैन की बेंच ने पहले पेश किए गए एक्शन प्लान को अपर्याप्त बताते हुए असंतोष जताया था और सरकार से विस्तृत रोडमैप मांगा था।कोर्ट की सख्ती के बाद मुख्य सचिव ने पांच साल की विस्तृत योजना तैयार कर अदालत के सामने पेश की है। इस रोडमैप में स्कूलों के भौतिक ढांचे को सुधारने के साथ-साथ आवश्यक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है।

क्या-क्या होगा काम:
योजना के तहत राज्यभर में उन स्कूलों की पहचान की जाएगी, जिनकी इमारतें जर्जर हो चुकी हैं। ऐसे स्कूलों में या तो मरम्मत का कार्य किया जाएगा या उनकी जगह नई बिल्डिंग बनाई जाएगी।इसके अलावा, स्कूलों में स्वच्छता और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। इससे विशेष रूप से छात्राओं को लाभ मिलने की उम्मीद है और ड्रॉपआउट दर में कमी आ सकती है।

विशेषज्ञों की राय:
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस योजना को प्रभावी तरीके से लागू किया गया, तो इससे सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है। बेहतर बुनियादी ढांचे से छात्रों का स्कूलों की ओर आकर्षण भी बढ़ेगा।