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राजस्थान में रामनवमी उत्सव 26-27 मार्च को, वीडियो में देंखे शोभायात्राओं और सुरक्षा इंतजामों के साथ मनाया जाएगा

 

राजस्थान में इस साल रामनवमी 26 और 27 मार्च को बड़े धूमधाम से मनाई जा रही है। राजधानी जयपुर में 26 मार्च को दो बड़ी शोभायात्राएं निकाली जाएंगी, जिनमें 35 से ज्यादा झांकियां शामिल होंगी। शोभायात्राओं में हाथी, ऊंट और घोड़े भी सजाकर शामिल किए जाएंगे, जिससे यह उत्सव और भी भव्य रूप लेगा।जयपुर प्रशासन ने दोनों शोभायात्राओं के चलते राजधानी के ट्रैफिक रूट में बदलाव किया है। हसनपुरा क्षेत्र में मुस्लिम समाज के लोग शोभायात्रा का सौहार्दपूर्ण स्वागत करेंगे। इसके अलावा, नासिक ढोल की प्रस्तुति देने के लिए 20 कलाकारों की टीम तैयार है, जो शोभायात्रा का आकर्षण केंद्र होगी।

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अजमेर में 27 मार्च को रामनवमी के अवसर पर जुलूस निकाला जाएगा, जिसमें 15 से ज्यादा झांकियां शामिल होंगी। इस जुलूस में काली माता के दो अखाड़े भी शामिल होंगे, जो परंपरागत रूप से उत्सव में रंग भरते हैं।सीकर जिले में प्रशासन ने शोभायात्रा के रूट के आसपास शराब की दुकानों को बंद रखने का आदेश दिया है। इससे यात्रा और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, उदयपुर में रामनवमी के अवसर पर मंदिरों में तोपों की सलामी दी जाएगी। ओल्ड सिटी के हनुमान घाट और पंचदेवरिया बालाजी मंदिर पर इस परंपरा के तहत तोपें दागी जाएंगी।

राजस्थान के विभिन्न जिलों में इस तरह के धार्मिक उत्सवों के चलते प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सावधानियां और ट्रैफिक प्रबंध किए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि श्रद्धालुओं और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त इंतजाम किए गए हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि रामनवमी जैसे धार्मिक उत्सवों में सांस्कृतिक और सामूहिक आयोजन परंपरा और स्थानीय धर्म-संस्कृति के प्रतीक हैं। झांकियों, ढोल, और सजावटी जानवरों के साथ निकली शोभायात्राएं न केवल धार्मिक महत्त्व रखती हैं, बल्कि स्थानीय पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को भी बढ़ावा देती हैं।

इस वर्ष जयपुर, अजमेर, सीकर और उदयपुर में रामनवमी की तैयारियां पिछले कई दिनों से जारी हैं। मंदिरों और जुलूस रूट पर सफाई, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रशासन ने जनता से भी अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और उत्सव में सामूहिक सहयोग करें। इस तरह, राजस्थान में इस बार रामनवमी उत्सव भव्य शोभायात्राओं, झांकियों और परंपरागत समारोहों के साथ मनाया जाएगा, जिसमें सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।