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राज्यवर्धन राठौड़ ने राजस्थान कांग्रेस की नेतृत्व क्षमता की तारीफ की, वीडियो में देंखे विपक्ष पर किया निशाना

 

राजस्थान के कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने गुरुवार को एसएमएस स्टेडियम में मीडिया से बात करते हुए राज्य कांग्रेस की नेतृत्व क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजस्थान कांग्रेस की जो लीडरशिप है, वह देश की कांग्रेस लीडरशिप से कहीं बेहतर है। उनका मानना है कि अगर यहां के कांग्रेस लीडर्स को राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व मिल जाए तो वे पार्टी को सही दिशा में आगे बढ़ा सकते हैं।

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राज्य कांग्रेस की लीडरशिप पर राज्यवर्धन का बयान

राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा, "राजस्थान कांग्रेस की लीडरशिप में जो क्षमता और ऊर्जा है, वह देशभर की कांग्रेस लीडरशिप से बेहतर है। मुझे लगता है कि राजस्थान के नेताओं को देशभर में कांग्रेस पार्टी की जिम्मेदारी संभालनी चाहिए, ताकि पार्टी को सही दिशा मिल सके और उसके विकास में तेजी आए।" उनका यह बयान कांग्रेस के भीतर की अंदरूनी राजनीति और राज्य में पार्टी की स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी माना जा रहा है।

पंचायत और निकाय चुनाव में दो बच्चों की बाध्यता पर विपक्ष पर हमला

इसके साथ ही राज्यवर्धन राठौड़ ने पंचायत और निकाय चुनावों में दो बच्चों की बाध्यता को लेकर विपक्ष पर हमला किया। उन्होंने कहा, "अगर सरकार की मंशा जनसंख्या नियंत्रण की होती तो हम तीन बच्चों वालों को चुनाव लड़ने की अनुमति दे देते। इससे जनसंख्या में जल्दी बढ़ोतरी होती और इस मुद्दे पर कोई विवाद नहीं होता।" उनके इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि सरकार ने यह कदम जनसंख्या को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया है, और विपक्ष के आरोपों पर उन्होंने तीखा पलटवार किया है।

राज्यवर्धन राठौड़ का राजनीतिक दृष्टिकोण

राज्यवर्धन राठौड़, जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक प्रमुख नेता हैं, हमेशा ही अपने तीखे और बेबाक बयान के लिए जाने जाते हैं। उनका यह बयान कांग्रेस और विपक्ष की राजनीति के खिलाफ सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने पंचायत और निकाय चुनावों में दो बच्चों की नीति पर अपनी सरकार की स्थिति स्पष्ट की और विपक्ष की आलोचनाओं को बेतुका करार दिया।

यह बयान प्रदेश में आगामी चुनावों और राजनीतिक रणनीतियों को लेकर हलचल मचा सकता है, और राज्य में कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव को और बढ़ा सकता है।