राजस्थान यूनिवर्सिटी भर्ती विवाद: इंटरव्यू में पक्षपात के आरोप, वीडियो में देंखे राज्यपाल ने VC प्रो. देवस्वरूप को हटाया
राजस्थान यूनिवर्सिटी में साल 2011 से 2014 के बीच हुई 294 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती एक बार फिर विवादों में आ गई है। भर्ती प्रक्रिया में इंटरव्यू के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और पक्षपात के आरोप सामने आए हैं।
जांच में खुलासा हुआ है कि इंटरव्यू के दौरान कुछ चहेते अभ्यर्थियों को बेहद ज्यादा अंक दिए गए, जबकि योग्य उम्मीदवारों को कम नंबर देकर बाहर कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक कई योग्य अभ्यर्थियों को 50 में से केवल 10 अंक दिए गए, जबकि पसंदीदा उम्मीदवारों को 49 तक अंक दिए जाने के मामले सामने आए हैं।इस मामले की जांच के बाद हरिभाऊ बागडे, जो विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति भी हैं, ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को उन्होंने प्रो. देवस्वरूप को उनके पद से हटा दिया।
प्रो. देवस्वरूप वर्तमान में बाबा आमटे दिव्यांग यूनिवर्सिटी के पहले कुलगुरु (VC) और विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलगुरु के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे।सूत्रों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया में इंटरव्यू मार्किंग को लेकर कई गंभीर सवाल उठे थे। आरोप है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया और कुछ उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी की गई।
राजभवन स्तर पर हुई जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस भर्ती से जुड़े अन्य अधिकारियों और चयन समिति के सदस्यों की भूमिका की भी जांच हो सकती है।इस पूरे मामले ने राज्य के उच्च शिक्षा तंत्र और विश्वविद्यालयों की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई अभ्यर्थियों ने लंबे समय से भर्ती में गड़बड़ी और पक्षपात के आरोप लगाए थे। अब कार्रवाई के बाद मामले ने फिर से तूल पकड़ लिया है।