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एसीबी के शिकंजे में फंसा राजस्थान पुलिस का एएसआई, वीडियो में जानें 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार 

 

राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसीबी स्पेशल यूनिट उदयपुर की टीम ने मंगलवार को प्रतापनगर थाने में कार्यरत एएसआई राजेश कुमार मीणा को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

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इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए एसीबी के महानिदेशक डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि 26 अप्रैल 2025 को उदयपुर एसीबी यूनिट को एक व्यक्ति की ओर से शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें बताया गया था कि थाने में दर्ज एक प्रकरण में मदद करने की एवज में एएसआई राजेश मीणा रिश्वत की मांग कर रहा है।

शिकायत की सत्यता की पुष्टि के बाद ACB ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जाल बिछाया और योजनाबद्ध तरीके से 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते समय आरोपी एएसआई को रंगे हाथों पकड़ लिया

गिरफ्तारी के बाद एएसआई राजेश मीणा को ACB कार्यालय लाया गया, जहां पूछताछ जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी शिकायतकर्ता के पक्ष में कार्रवाई करने और केस को कमजोर करने के बदले में रिश्वत मांग रहा था।

डॉ. मेहरड़ा ने बताया कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में ACB लगातार सक्रिय है और सरकारी तंत्र में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि अगर किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है, तो तुरंत एसीबी से संपर्क करें।

इस कार्रवाई के बाद उदयपुर जिले और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। एक तरफ पुलिस को जहां आमजन के हित में कार्य करने का जिम्मा सौंपा गया है, वहीं कुछ अधिकारी और कर्मचारी अपनी छवि को कलंकित कर रहे हैं।

एसीबी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। उसके बैंक खातों, संपत्तियों और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और भी तो उसने इसी तरह से भ्रष्टाचार नहीं किया है।

यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और कानून अपना काम पूरी सख्ती के साथ करेगा। एसीबी की इस तत्परता से आमजन में एक सकारात्मक संदेश गया है और उम्मीद जताई जा रही है कि ऐसे मामलों में और भी तेजी से कार्रवाई होती रहेगी।