राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव मामला, हाईकोर्ट में अवमानना याचिका की सुनवाई टली, वीडियो में जाने अब 26 मई को होगी अगली सुनवाई
राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव में हो रही देरी को लेकर दायर अवमानना याचिका पर सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। मामले की सुनवाई अब 26 मई को होगी। हाईकोर्ट की ओर से सुनवाई टलने के बाद राज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल एक बार फिर तेज हो गई है।यह मामला Rajasthan High Court की डिवीजन बेंच में सुना जाना था। जस्टिस Mahendra Kumar Goyal और जस्टिस Anil Kumar Upman की खंडपीठ में पूर्व विधायक Sanyam Lodha, Girraj Singh Devanda समेत अन्य याचिकाकर्ताओं की अवमानना याचिका पर सुनवाई प्रस्तावित थी।
हालांकि, अदालत ने सरकार और राज्य चुनाव आयोग द्वारा चुनाव टालने के लिए दाखिल प्रार्थना-पत्र पर फैसला सुरक्षित रखा हुआ है। इसी कारण कोर्ट ने अवमानना याचिका की सुनवाई को फिलहाल 26 मई तक स्थगित कर दिया।गौरतलब है कि पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग और राज्य निर्वाचन आयुक्त Rajeshwar Singh को अवमानना नोटिस जारी किए थे। कोर्ट ने पूछा था कि निर्धारित समयसीमा के भीतर पंचायत और निकाय चुनाव क्यों नहीं कराए गए।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि राज्य चुनाव आयोग हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करने में विफल रहा है और जानबूझकर चुनाव प्रक्रिया में देरी की जा रही है। वहीं सरकार और चुनाव आयोग की ओर से प्रशासनिक और कानूनी कारणों का हवाला देते हुए चुनाव टालने की मांग की गई है।राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर लंबे समय से राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। विपक्ष लगातार सरकार पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि सभी संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।
अब सभी की नजरें 26 मई की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां हाईकोर्ट इस मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुना सकता है। माना जा रहा है कि कोर्ट का निर्णय राज्य में पंचायत और निकाय चुनावों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यदि चुनाव में और देरी होती है तो इसका असर स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल चुनाव को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है और राज्यभर में इस मामले पर चर्चा तेज हो गई है।