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राजस्थान में बस टर्मिनलों का होगा कायाकल्प, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बड़ा फैसला

 

राजस्थान में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश के सभी प्रमुख बस टर्मिनलों के व्यापक पुनर्विकास (रीडेवलपमेंट) का निर्णय लिया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना और राज्य की परिवहन अवसंरचना को मजबूत करना है।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस योजना के तहत बस स्टैंड्स को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा, जिसमें स्वच्छता, सुरक्षा, यात्री सुविधा और तकनीकी प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नए मॉडल बस टर्मिनलों में डिजिटल टिकटिंग सिस्टम, वेटिंग लाउंज, स्वच्छ शौचालय, सीसीटीवी निगरानी, सूचना केंद्र और बेहतर पार्किंग व्यवस्था जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बैठक में कहा कि राज्य में बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए परिवहन ढांचे को समय के अनुरूप आधुनिक बनाना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि पुनर्विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि आम जनता को जल्द से जल्द बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

इस परियोजना के अंतर्गत राज्य के प्रमुख शहरों और जिलों के बस टर्मिनलों को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। इसके लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP मॉडल) की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है, जिससे परियोजना में निजी निवेश को भी आकर्षित किया जा सके।

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस योजना से न केवल यात्रियों को आरामदायक यात्रा अनुभव मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। बस स्टैंड्स के आसपास वाणिज्यिक गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक बस टर्मिनल न केवल परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाएंगे, बल्कि शहरों की छवि को भी निखारेंगे। इससे राज्य में पर्यटन और व्यापार दोनों क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा।

स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि वर्तमान बस स्टैंड्स पर सुविधाओं की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी, और यह निर्णय यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगा।

सरकार ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही इस परियोजना का विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। कुल मिलाकर, यह कदम राजस्थान की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को एक नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।