जयपुर अग्निकांड पर उठे सवाल: अवैध फैक्ट्री, वीडियो में देंखे प्रशासनिक लापरवाही और पुलिस की भूमिका पर गंभीर आरोप
जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में 9 जून की सुबह हुए भीषण अग्निकांड को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि अब स्थानीय लोग और परिजन इसे सरकारी तंत्र और पुलिस की कथित लापरवाही का नतीजा बता रहे हैं।
स्थानीय आरोपों के अनुसार, जिस रिहायशी मकान में यह हादसा हुआ, वहां पिछले करीब दो वर्षों से बिना किसी वैध लाइसेंस और औपचारिक अनुमति के अवैध गतिविधियां चल रही थीं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई की गई होती तो इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह बताई जा रही है कि यह घटनास्थल खोह नागोरियान थाना (Khoh Nagorian Police Station) से मात्र लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि पुलिस और बीट अधिकारियों को इस अवैध फैक्ट्री की पूरी जानकारी थी, लेकिन कथित साठगांठ और लापरवाही के चलते लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
हादसे के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया है और लोग प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं। उनका कहना है कि अवैध रूप से संचालित इस फैक्ट्री को रोकने में लगातार अनदेखी की गई, जिसका नतीजा अब एक बड़े हादसे के रूप में सामने आया है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच की बात कही गई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर पुलिस और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर सवाल लगातार गहराते जा रहे हैं।यह मामला अब केवल एक अग्निकांड नहीं रहा, बल्कि सिस्टम की जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।