अस्पताल की संवेदनशील यूनिट में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, प्रसूता वार्डों में बेरोकटोक आवाजाही
अस्पताल की सबसे संवेदनशील मानी जाने वाली यूनिट में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर पाए जाने का मामला सामने आया है। निरीक्षण के दौरान प्रसूताओं और नवजात शिशुओं वाले वार्डों तक बाहरी लोगों की आवाजाही बिना किसी रोक-टोक के जारी मिली, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, अस्पताल परिसर में प्रवेश करने वाले लोगों से किसी प्रकार की पूछताछ या पहचान संबंधी जांच नहीं की जा रही थी। स्थिति यह रही कि कई पुरुष प्रसूताओं के वार्डों के भीतर बैठे दिखाई दिए, जबकि लेबर रूम के बाहर महिलाएं फर्श पर बैठी नजर आईं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि प्रसूता और नवजात शिशु वार्ड अस्पताल की सबसे संवेदनशील इकाइयों में शामिल होते हैं, जहां संक्रमण और सुरक्षा दोनों को लेकर विशेष सावधानी जरूरी होती है। लेकिन मौके पर व्यवस्थाएं बेहद लचर दिखाई दीं।
अस्पताल में मरीजों के परिजनों की अत्यधिक भीड़ और नियंत्रणहीन आवाजाही से प्रसूताओं को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वहीं नवजात शिशुओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, प्रवेश नियंत्रण लागू करने और वार्डों में अनावश्यक भीड़ रोकने की मांग की है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मामले की जानकारी मिलने के बाद व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है और सुरक्षा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल इस मामले के सामने आने के बाद अस्पताल की सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।