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राजस्थान में एलपीजी सप्लाई पर सियासत तेज, टीकाराम जूली ने मांगा श्वेत पत्र; मंत्री सुमित गोदारा बोले– सप्लाई पूरी तरह नियंत्रण में

 

राजस्थान में एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई और उपलब्धता को लेकर सियासी बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। विपक्ष और सरकार के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी कड़ी में राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार से एलपीजी सप्लाई को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।

टीकाराम जूली ने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों से गैस सिलेंडर की सप्लाई में दिक्कतों की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में सरकार को स्थिति स्पष्ट करने के लिए श्वेत पत्र जारी करना चाहिए, ताकि जनता को वास्तविक हालात की जानकारी मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि गैस की उपलब्धता और वितरण को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि सरकार को यह बताना चाहिए कि राज्य में एलपीजी सिलेंडर की कुल मांग कितनी है और सप्लाई की व्यवस्था किस तरह की जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं कमी या वितरण में गड़बड़ी है तो सरकार को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए।

दूसरी ओर राज्य सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि प्रदेश में घरेलू गैस की सप्लाई पूरी तरह नियंत्रण में है और कहीं भी किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

सुमित गोदारा ने कहा कि कुछ जगहों पर तकनीकी या लॉजिस्टिक कारणों से अस्थायी समस्या हो सकती है, लेकिन उसे जल्द ही दूर कर दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में एलपीजी वितरण की पूरी व्यवस्था व्यवस्थित तरीके से चल रही है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

मंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना था कि सरकार का पूरा ध्यान यह सुनिश्चित करने पर है कि प्रदेश के हर घर तक रसोई गैस की सप्लाई सुचारु रूप से पहुंचे।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों और सप्लाई को लेकर राजस्थान में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष जहां इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, वहीं सरकार इन आरोपों को निराधार बताते हुए स्थिति को सामान्य बता रही है।

फिलहाल एलपीजी सप्लाई को लेकर जारी इस सियासी टकराव के बीच आम जनता की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और प्रशासन इस मुद्दे पर आगे क्या कदम उठाते हैं और लोगों को किस तरह की राहत मिलती है।