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जयपुर में सियासी बयानबाजी तेज, वीडियो में देंखे गहलोत ने बीजेपी पर लगाए धर्म की राजनीति के आरोप

 

जयपुर में एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाया है। उनके इस बयान के बाद राज्य की सियासत में नया विवाद खड़ा हो गया है।अशोक गहलोत ने कहा कि बीजेपी धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है। उनके अनुसार, पार्टी की सोच यह है कि “हिंदुओं को हिंदुत्व के नाम पर भड़काकर सत्ता हासिल की जाए।” गहलोत ने आगे कहा कि यदि आज इंदिरा गांधी जैसी मजबूत नेता प्रधानमंत्री होतीं, तो शायद बीजेपी पर बैन लगा दिया जाता।

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पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि देश का संविधान सभी धर्मों और जातियों के सम्मान की बात करता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि संविधान के अनुसार किसी भी राजनीतिक दल को धर्म के नाम पर राजनीति करने की अनुमति नहीं है। गहलोत ने बीजेपी पर संविधान की मूल भावना के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया।गहलोत के इस बयान के बाद बीजेपी की ओर से कड़ा पलटवार भी सामने आया है। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने गहलोत के बयान को पूरी तरह राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि गहलोत इस तरह की बयानबाजी अपने “आकाओं” को खुश करने के लिए करते हैं और जनता के बीच उनकी छवि लगातार धूमिल हो रही है।

मदन राठौड़ ने कहा कि बीजेपी हमेशा विकास और राष्ट्रहित की राजनीति करती है, जबकि विपक्ष केवल भ्रम फैलाने और समाज को बांटने की कोशिश करता है। उन्होंने गहलोत के आरोपों को निराधार और तथ्यहीन बताया।इस पूरे विवाद ने राजस्थान की राजनीति में गर्माहट बढ़ा दी है। दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी तेज होने की संभावना है। फिलहाल राजनीतिक हलकों में इस बयान को लेकर चर्चा तेज है और दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम दिखाई दे रहे हैं।