पेट्रोल पंप डीलर्स ने लगाए ऑयल लिमिट तय होने के आरोप, IOC ने कहा—कोई प्रतिबंध नहीं, फुटेज में देखें एसोसिएशन ने इंडियन ऑयल को लिखा लेटर
राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की बिक्री और सप्लाई व्यवस्था को लेकर नया विवाद सामने आया है। प्रदेश के पंप डीलर्स एसोसिएशन ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और राज्य स्तरीय समन्वयक मनोज गुप्ता को पत्र लिखकर ईंधन आपूर्ति पर कथित सीमाओं को लेकर चिंता जताई है।
एसोसिएशन का आरोप है कि ऑयल कंपनियां पेट्रोल पंपों को सीमित मात्रा में ईंधन उपलब्ध करा रही हैं। इसके अलावा, डीलर्स को मोबाइल मैसेज और मौखिक निर्देशों के जरिए उपभोक्ताओं को सीमित मात्रा में ही पेट्रोल-डीजल देने के निर्देश दिए जा रहे हैं, जिससे पंप संचालन और उपभोक्ता सेवाओं पर असर पड़ रहा है।
डीलर्स के अनुसार, कुछ पंपों पर उपभोक्ताओं के लिए कथित तौर पर खरीद सीमा भी तय की गई है, जिसमें एक ग्राहक को लगभग 50 हजार रुपये तक का डीजल और 5 हजार रुपये तक का पेट्रोल ही देने की बात कही जा रही है। इस तरह की सीमाओं को लेकर डीलर्स ने पारदर्शिता की मांग की है और स्थिति स्पष्ट करने की अपील की है।
हालांकि, इस पूरे मामले पर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के कार्यकारी निदेशक मनोज गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर फिलहाल किसी भी तरह की कोई सीमा (लिमिट) नहीं लगाई गई है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को सामान्य रूप से निर्बाध ईंधन आपूर्ति जारी है और किसी प्रकार के प्रतिबंध की जानकारी गलतफहमी पर आधारित हो सकती है।
इस विवाद के सामने आने के बाद उपभोक्ताओं में भी असमंजस की स्थिति देखने को मिल रही है। जहां एक ओर डीलर्स सप्लाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर तेल कंपनियां किसी भी तरह की रोक या सीमा से इनकार कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की स्थितियों में स्पष्ट संवाद और आधिकारिक दिशा-निर्देश बेहद जरूरी होते हैं, ताकि बाजार में भ्रम की स्थिति न बने और ईंधन आपूर्ति व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे। फिलहाल सभी की नजर इस मामले में आने वाले आधिकारिक स्पष्टीकरण और आपूर्ति व्यवस्था में संभावित सुधारों पर टिकी हुई है।