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राजस्थान में पेट्रोल-डीजल संकट के संकेत, सप्लाई में कमी से पंपों पर असर, वीडियो में देंखे जयपुर से जोधपुर तक लंबी कतारें

 

राजस्थान में पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के बीच अब ईंधन की उपलब्धता को लेकर भी चिंता बढ़ने लगी है। राज्य के कई जिलों में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई में कमी के संकेत सामने आए हैं, जिससे आम लोगों से लेकर किसानों तक के बीच परेशानी और अनिश्चितता का माहौल बन गया है।

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राजधानी जयपुर में स्थिति खास तौर पर चर्चा में है। गोपालपुरा बाईपास स्थित एक पेट्रोल पंप पर डीजल की आपूर्ति पूरी तरह बंद होने की जानकारी सामने आई है। पंप के सुपरवाइजर के अनुसार, पिछले कुछ समय से डीजल की सप्लाई लगातार कम हो रही है, जिसके चलते ग्राहकों को वापस लौटना पड़ रहा है।

इसी तरह रिद्धि-सिद्धि चौराहे स्थित एक इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर केवल प्रीमियम पेट्रोल ही उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि सामान्य पेट्रोल की उपलब्धता बेहद सीमित हो गई है। पंप संचालकों का कहना है कि सप्लाई चेन में आई कमी के कारण सामान्य ईंधन की नियमित आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

राज्य के अन्य जिलों में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिल रही है। जोधपुर में कई पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी नजर आईं, जहां लोग ईंधन भरवाने के लिए घंटों इंतजार करते दिखे। वहीं उदयपुर और टोंक से भी ऐसी खबरें सामने आई हैं कि कम से कम दो पेट्रोल पंप अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों को और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ईंधन की इस कमी का सीधा असर आम जनता के साथ-साथ कृषि क्षेत्र पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश के बाद बुवाई का समय आता है और उस दौरान डीजल की उपलब्धता प्रभावित रहती है, तो कृषि कार्यों पर गंभीर असर पड़ सकता है। ट्रैक्टर, पंप सेट और अन्य कृषि उपकरणों के संचालन के लिए डीजल की निर्भरता को देखते हुए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सप्लाई में यह असंतुलन जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में कीमतों के साथ-साथ उपलब्धता का संकट भी गहरा सकता है। हालांकि, अब तक सरकार या तेल कंपनियों की ओर से इस स्थिति पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

स्थानीय स्तर पर प्रशासन और तेल कंपनियों के बीच समन्वय बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि आपूर्ति व्यवस्था सामान्य बनी रहे और लोगों को आवश्यक ईंधन आसानी से मिल सके।

कुल मिलाकर, राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की मौजूदा स्थिति ने न सिर्फ आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ाई है, बल्कि आने वाले कृषि सीजन को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जिन पर जल्द समाधान की आवश्यकता महसूस की जा रही है।