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ऑनलाइन शॉपिंग बनी साइबर ठगों का नया जाल, राजस्थान में 30 दिनों में बढ़े ठगी के मामले

 

डिजिटल दौर में जहां घर बैठे कपड़े, जूते, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और रोजमर्रा का सामान खरीदना बेहद आसान हो गया है, वहीं यही सुविधा अब साइबर ठगों के लिए सबसे बड़ा हथियार बनती जा रही है। राजस्थान में पिछले 30 दिनों के दौरान सामने आए साइबर अपराध के मामलों में सबसे अधिक शिकार ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले लोग पाए गए हैं।

साइबर सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ठग फर्जी वेबसाइट्स, नकली ई-कॉमर्स पेज और आकर्षक ऑफर्स के जरिए लोगों को झांसे में लेकर पैसे ठग रहे हैं। कई मामलों में उपभोक्ताओं ने सस्ते दामों के लालच में एडवांस पेमेंट कर दिया, लेकिन न तो सामान मिला और न ही पैसा वापस हुआ।

विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए भी फर्जी विज्ञापन चलाकर लोगों को शिकार बना रहे हैं। इन विज्ञापनों में भारी छूट और सीमित समय के ऑफर दिखाकर तुरंत भुगतान करने के लिए प्रेरित किया जाता है।

राजस्थान पुलिस की साइबर शाखा ने लोगों से अपील की है कि वे केवल भरोसेमंद और अधिकृत ई-कॉमर्स वेबसाइट्स से ही खरीदारी करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने या संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने से बचने की सलाह दी गई है।

इसके साथ ही उपभोक्ताओं को कैश ऑन डिलीवरी विकल्प चुनने और व्यक्तिगत बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करने की हिदायत दी गई है।

कुल मिलाकर, डिजिटल सुविधा के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर ठगी के मामलों में भी इजाफा हो रहा है, जिससे ऑनलाइन खरीदारी करते समय सतर्कता बरतना अब पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है।