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मणिपुर में राजस्थान के खिलाड़ियों से उग्रवादियों ने की लूटपाट, वीडियो में देखें बंदूक दिखाकर दो घंटे तक रोका, जांच के आदेश

 

मणिपुर से एक चौंकाने वाली और गंभीर घटना सामने आई है, जहां 69वीं नेशनल स्कूल चैंपियनशिप में हिस्सा लेने गए राजस्थान के खिलाड़ियों के साथ उग्रवादियों द्वारा लूटपाट की गई। आरोप है कि हथियारबंद उग्रवादियों ने खिलाड़ियों की गाड़ी को रास्ते में रोककर उन्हें धमकाया और उनके पास मौजूद सारी नकद राशि लूट ली। इस घटना के बाद खिलाड़ियों में दहशत का माहौल है। खिलाड़ियों ने एक वीडियो जारी कर अपनी आपबीती साझा की, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया और मणिपुर सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/4Bq-fT898E0?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/4Bq-fT898E0/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

जानकारी के अनुसार राजस्थान की स्कूल टीम राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए मणिपुर पहुंची थी। 13 जनवरी की रात टीम दीमापुर से इंफाल की ओर जा रही थी। इसी दौरान रात करीब 12:30 बजे रास्ते में कुछ उग्रवादियों ने उनकी गाड़ी को जबरन रोक लिया। बताया जा रहा है कि ये उग्रवादी एक विशेष समुदाय से जुड़े हुए थे और उनके पास बंदूकें भी थीं।

एक खिलाड़ी के पिता ने मीडिया को बताया कि उग्रवादियों ने गाड़ी को रोकते ही खिलाड़ियों को धमकाना शुरू कर दिया। बंदूकधारी युवकों ने खिलाड़ियों को काफी देर तक रास्ते में रोके रखा और उनके पास मौजूद नकद पैसे छीन लिए। खिलाड़ी बेहद डर गए थे और किसी तरह जान बचाकर वहां से निकलने की कोशिश करते रहे। गनीमत रही कि इस घटना में किसी को शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन मानसिक रूप से बच्चे काफी सहमे हुए हैं।

घटना के बाद टीम के कुछ खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने पूरी घटना का जिक्र करते हुए बताया कि किस तरह उन्हें डराया-धमकाया गया और उनके पैसे लूट लिए गए। वीडियो वायरल होते ही यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया। वीडियो सामने आने के बाद मणिपुर सरकार ने तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं।

वहीं, इस घटना को लेकर खिलाड़ियों के परिजनों में भी भारी रोष है। परिजनों का कहना है कि बच्चों को प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए भेजा गया था, लेकिन वहां उनकी सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे। खिलाड़ियों के परिवारों ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री से भी इस मामले की शिकायत की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती, तो इस तरह की घटना से बचा जा सकता था। उन्होंने मांग की है कि भविष्य में जब भी खिलाड़ियों को दूसरे राज्यों में प्रतियोगिता के लिए भेजा जाए, तो उनकी सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं।

फिलहाल मणिपुर पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना में शामिल उग्रवादी कौन थे और वे किस संगठन से जुड़े हुए हैं। वहीं सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना न सिर्फ खिलाड़ियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के दौरान राज्यों की जिम्मेदारी और समन्वय की भी पोल खोलती है। अब सभी की नजरें जांच के नतीजों और सरकार की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।