जयपुर पुलिस में बड़ा फेरबदल, 82 इंस्पेक्टरों के तबादले; वीडियो में जाने 42 थानों के बदले SHO, ट्रैफिक व्यवस्था के लिए 9 नए अधिकारी तैनात
जयपुर कमिश्नरेट में बुधवार रात पुलिस प्रशासन स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने एक आदेश जारी कर कुल 82 निरीक्षकों (SHO स्तर के अधिकारियों) के तबादले किए हैं। सचिन मित्तल के पुलिस कमिश्नर बनने के बाद यह पहली बार है, जब SHO स्तर पर इतनी बड़ी संख्या में अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है।इस तबादला सूची में शहर के 42 पुलिस थानों के थानाधिकारियों को बदला गया है, जबकि चार थानों में अस्थायी रूप से तैनात SHO को अब स्थायी जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
42 थानों में बदले गए थानाधिकारी
जयपुर शहर की कानून व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिसिंग को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। कमिश्नरेट के कई महत्वपूर्ण थानों में नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत थानों की कार्यप्रणाली, अपराध नियंत्रण और क्षेत्रीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने पर फोकस
शहर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने ट्रैफिक पुलिस में भी बदलाव किया है। यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 9 इंस्पेक्टरों को ट्रैफिक शाखा में लगाया गया है, जबकि 10 अधिकारियों को लाइन हाजिर किया गया है।पुलिस प्रशासन का उद्देश्य शहर में यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाना, जाम की समस्या कम करना और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
पांच अधिकारियों को मिली नियमित पोस्टिंग
जयपुर पुलिस कमिश्नर ने पहले जारी किए गए स्थानांतरण आदेशों के क्रम में पांच पुलिस अधिकारियों का नियमित पदस्थापन भी किया है।
इनमें:
- प्रहलाद नारायण को यातायात जयपुर में नियुक्त किया गया है।
- प्रकाश राम विश्नोई को खोह नागोरियान थाने का थानाधिकारी बनाया गया है।
- रामधन मीणा को बजाज नगर थाने की जिम्मेदारी दी गई है।
- रतन सिंह को जामड़ोली थाने का SHO नियुक्त किया गया है।
- श्याम सुंदर (उप निरीक्षक) को लालकोठी थाने का थानाधिकारी बनाया गया है।
पुलिसिंग में बदलाव की तैयारी
जयपुर कमिश्नरेट में हुए इस बड़े फेरबदल को शहर की कानून व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस विभाग का मानना है कि नए अधिकारियों की तैनाती से अपराध नियंत्रण, जनता की शिकायतों के समाधान और पुलिस व्यवस्था में सुधार आएगा।
पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के कार्यभार संभालने के बाद यह सबसे बड़ा प्रशासनिक बदलाव है। अब नए थानाधिकारियों के सामने अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर पुलिसिंग और अपराध पर नियंत्रण की चुनौती होगी।