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जयपुर में जैश-ए-मोहम्मद की कथित महिला स्लीपर सेल जेल भेजी गई, वीडियो में देंखे कोर्ट में चेहरा छिपाती दिखी; जांच में सामने आए कई अहम सुराग

 

राजस्थान एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) द्वारा गिरफ्तार जैश-ए-मोहम्मद की कथित महिला स्लीपर सेल बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा को शनिवार को जयपुर की अदालत में पेश किया गया। सात दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। जांच एजेंसियों का दावा है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं और वह पिछले करीब दो वर्षों से आतंकी संगठन के संपर्क में थी।

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जयपुर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा को शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया। पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद उसे न्यायालय अपर सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-11, जयपुर महानगर द्वितीय की अदालत में प्रस्तुत किया गया, जहां से अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।

अदालत परिसर में जब बबीता को लाया गया तो मीडिया ने उससे मामले को लेकर सवाल पूछने की कोशिश की। इस दौरान वह कैमरों से बचती और अपना चेहरा छिपाती हुई नजर आई। अदालत से उसे जेल भेज दिया गया। मामले की अगली सुनवाई के लिए उसे 29 जून को फिर अदालत में पेश किया जाएगा।

गौरतलब है कि राजस्थान एटीएस ने बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा को जयपुर के वाटिका क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद अदालत से सात दिन की पुलिस रिमांड हासिल की गई थी, जिसके दौरान उससे गहन पूछताछ की गई।

जांच एजेंसियों के अनुसार, पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि बबीता पिछले लगभग दो वर्षों से प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के संपर्क में थी। एजेंसियां उसके संपर्कों, डिजिटल गतिविधियों और कथित नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही हैं।

जांच अधिकारियों का यह भी कहना है कि अब तक मिले इनपुट के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि उसे आत्मघाती हमले के लिए तैयार किया जा रहा था। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और सभी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही सामने आएगा।

एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और कथित संपर्कों की जांच कर रही हैं। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसके संपर्क किन-किन लोगों से थे और क्या इस मामले में किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका है।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

राजस्थान में इस तरह का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और संभावित संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल पूरे मामले की जांच विभिन्न पहलुओं से की जा रही है और एजेंसियां किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही हैं।