जयपुर सीरियल बम धमाकों के मामले में दोषियों को हाईकोर्ट से राहत नहीं, वीडियो में जाने दो आतंकियों की स्टे याचिका खारिज
18 साल पहले जयपुर में हुए सीरियल बम धमाकों के दौरान जिंदा बम मिलने के मामले में दोषी ठहराए गए दो आरोपियों को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत नहीं मिली है। अदालत ने उनकी स्टे एप्लीकेशन को खारिज करते हुए उन्हें फिलहाल जेल में ही रहने का आदेश दिया है।हाईकोर्ट की खंडपीठ, जिसमें न्यायमूर्ति Inderjeet Singh और न्यायमूर्ति Bhuvan Goyal शामिल थे, ने आतंकियों मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद की याचिका पर सुनवाई करते हुए राहत देने से इनकार कर दिया।
दोनों आरोपियों ने विशेष अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए स्टे की मांग की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी अपील को खारिज कर दिया, जिससे दोनों को अभी जेल में ही रहना होगा।गौरतलब है कि 4 अप्रैल 2025 को जयपुर बम ब्लास्ट मामले में विशेष अदालत ने सैफुर्रहमान, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
यह मामला 2008 में जयपुर में हुए श्रृंखलाबद्ध बम धमाकों से जुड़ा है, जिसने पूरे देश को हिला दिया था। धमाकों के दौरान जिंदा बम मिलने और समय रहते विस्फोटक निष्क्रिय किए जाने से एक बड़ा हादसा टल गया था।हाईकोर्ट के ताजा फैसले के बाद इस बहुचर्चित मामले में कानूनी प्रक्रिया एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। अब आगे की सुनवाई और अपील पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। फिलहाल, अदालत के निर्णय के बाद दोनों दोषियों की जेल से रिहाई की संभावना फिलहाल खत्म हो गई है और मामला आगे की कानूनी प्रक्रिया में बना रहेगा।