जयपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ‘मेवात टारगेट गैंग’ का पर्दाफाश, एक्सक्लूसिव फुटेज में देंखे सरगना शाकिब उर्फ कालू समेत 3 गिरफ्तार
राजधानी जयपुर की झोटवाड़ा थाना पुलिस ने एटीएम बदलकर ठगी, साइबर फ्रॉड और लूटपाट जैसी वारदातों को अंजाम देने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के कुख्यात सरगना शाकिब उर्फ कालू समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह "मेवात टारगेट गैंग" के नाम से सक्रिय था और राजस्थान सहित छह राज्यों में आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहा था। गिरोह की गतिविधियों के कारण कई राज्यों में लोग लंबे समय से परेशान थे।
छह राज्यों में फैला था नेटवर्क
प्रारंभिक जांच के अनुसार, गिरोह राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में सक्रिय था। आरोपी एटीएम कार्ड बदलकर बैंक खातों से रकम निकालने, साइबर ठगी करने और मौका मिलने पर लूटपाट जैसी घटनाओं को भी अंजाम देते थे।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरोह के सदस्य बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपना निशाना बनाते थे। एटीएम बूथों के आसपास बुजुर्गों और कम तकनीकी जानकारी रखने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जाती थी।
तीन दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में तीन दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें धोखाधड़ी, साइबर अपराध, लूटपाट और अन्य गंभीर धाराओं के मामले शामिल हैं।जांच एजेंसियां अब आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क, सहयोगियों और अवैध कमाई के स्रोतों की जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में कई अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।
साइबर अपराध पर बड़ा प्रहार
जयपुर पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध और एटीएम ठगी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि गिरोह लंबे समय से कानून प्रवर्तन एजेंसियों की निगरानी में था और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचा गया।
अन्य राज्यों की पुलिस से भी संपर्क
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस के साथ भी संपर्क में है। आशंका है कि गिरोह से जुड़े कुछ और सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि एटीएम का उपयोग करते समय सतर्क रहें, किसी अनजान व्यक्ति की मदद लेने से बचें और साइबर ठगी की किसी भी घटना की तुरंत पुलिस को सूचना दें।इस कार्रवाई के बाद पुलिस को उम्मीद है कि अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय इस गिरोह की आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।