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जयपुर पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: अवैध संचालन का खुलासा, वीडियो में देंखे दो आरोपी फरार; कयूम पर लंबे आपराधिक इतिहास का खुलासा

 

Jaipur में हुए पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले की जांच में बड़े खुलासे सामने आए हैं। जांच के अनुसार जिस फैक्ट्री में विस्फोट हुआ, उसे दो भाई कयूम और याकूब अवैध रूप से संचालित कर रहे थे। हादसे के बाद से दोनों आरोपी फरार हैं और Jaipur Police उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।पुलिस जांच में सामने आया है कि यह इकाई बिना उचित अनुमति और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर चलाई जा रही थी, जिसके चलते विस्फोट जैसी गंभीर घटना हुई। हादसे के बाद से इलाके में सुरक्षा और लाइसेंसिंग व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

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पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मुख्य आरोपी कयूम का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में पहले से कई मामले दर्ज हैं। पहला मामला 1996 में मालवीय नगर थाने में मारपीट के आरोप में दर्ज हुआ था।इसके बाद 1997 में उसी थाने में धारा 147, 341 और 308 के तहत एक और मामला दर्ज हुआ। 2002 में दौसा के महुआ क्षेत्र में उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। 2008 में धोखाधड़ी का मामला सामने आया, जबकि 2013 में ज्योति नगर थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज होने की जानकारी भी पुलिस रिकॉर्ड में है। इसके अलावा 2024 में खोह नागोरियान थाने में मारपीट का एक और मामला दर्ज हुआ है।

पुलिस के अनुसार, कयूम एक आदतन अपराधी है और उसके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए जांच को और गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं उसके भाई याकूब की भूमिका की भी जांच की जा रही है। हादसे के बाद दोनों आरोपियों के फरार होने से पुलिस की कार्रवाई तेज कर दी गई है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। प्रशासन ने मामले की जांच के साथ-साथ अवैध पटाखा इकाइयों पर भी सख्ती बढ़ाने के संकेत दिए हैं।फिलहाल इस विस्फोट ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और अवैध संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।