जयपुर में पेयजल संकट को लेकर प्रशासन अलर्ट, कलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्रों का किया निरीक्षण
राजस्थान की राजधानी जयपुर में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। हालात की गंभीरता को समझते हुए जिला कलेक्टर स्वयं गांव-गांव पहुंचे और जल आपूर्ति व्यवस्था का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। ग्रामीण इलाकों में पानी की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
इस दौरान कलेक्टर ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के अधिकारियों को सख्त चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि जल संकट की स्थिति में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय रहते समाधान सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए जल स्रोतों की निगरानी बढ़ा दी गई है और संवेदनशील क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था पर भी काम किया जा रहा है। टैंकर सप्लाई और नियमित जल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्तर गिरने और आपूर्ति में बाधा की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की और त्वरित सुधार के निर्देश दिए।
अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी लगाए जाएंगे ताकि आमजन को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े।
फिलहाल प्रशासन का पूरा फोकस गर्मी के इस मौसम में पेयजल संकट को नियंत्रण में रखने और आम जनता को राहत पहुंचाने पर है।