×

जयपुर: मकर संक्रांति पर हर्ष फायरिंग, राणा कॉलोनी में आसमान से गोली गिरी

 

राजधानी जयपुर में आसमान से गोली टपकने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शास्त्री नगर में मकर संक्रांति की संध्या पर आतिशबाजी के दौरान कथित हर्ष फायरिंग की गई, जिसके कारण स्थानीय निवासियों में भारी दहशत फैल गई। घटना में बंदूक से निकली गोली राणा कॉलोनी निवासी अशोक योगी के मकान की छत पर गिरी।

स्थानीय लोगों ने बताया कि मकर संक्रांति की शाम शहर के विभिन्न हिस्सों में आतिशबाजी का माहौल था। इसी दौरान कुछ युवाओं ने हर्ष फायरिंग शुरू कर दी। गोली अचानक मकान की छत पर गिरने से परिवार के सदस्य डर गए और आसपास के लोगों में भी अफरा-तफरी मच गई।

अशोक योगी ने बताया कि "हमारी छत पर अचानक गोली गिरी और हमें बहुत डर लगा। अगर कोई वहां खड़ा होता तो गंभीर चोट लग सकती थी। ऐसे हर्ष फायरिंग की घटनाओं से सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है।" उन्होंने पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने बताया कि उन्होंने मामले की जांच शुरू कर दी है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों के बयानों के आधार पर हर्ष फायरिंग करने वालों की पहचान करने का काम शुरू किया है। पुलिस का कहना है कि हर्ष फायरिंग एक गंभीर अपराध है और कानून के तहत इसके लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि मकर संक्रांति जैसे पर्वों पर अक्सर आतिशबाजी और हर्ष फायरिंग की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इससे न केवल लोगों की जान खतरे में पड़ती है, बल्कि संपत्ति को भी नुकसान पहुंच सकता है। पुलिस और प्रशासन बार-बार चेतावनी जारी कर चुके हैं कि हर्ष फायरिंग करना कानूनन अपराध है और इसके लिए सजा का प्रावधान है, लेकिन इन चेतावनियों के बावजूद लोग इसे अनदेखा कर रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक (नगर) ने मीडिया से बातचीत में कहा, "हर्ष फायरिंग पूरी तरह से गैरकानूनी है। हमने सभी थानों को निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जाए। आम जनता से अनुरोध है कि इस तरह की गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।"

स्थानीय नागरिक भी घटना के बाद चिंता में हैं। कई लोगों ने कहा कि शहर में हर्ष फायरिंग की घटनाएं अब आम हो गई हैं और इससे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर खतरा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि सख्त निगरानी और दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं रोकी जा सकें।

इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि पर्वों के अवसर पर हर्ष फायरिंग और अवैध आतिशबाजी सामाजिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। पुलिस का दावा है कि मामले की जांच जारी है और जिम्मेदारों को जल्द ही कानून के तहत कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।