रेडियोएक्टिव प्लेट और ‘मैजिकल’ सामान के नाम पर 26 करोड़ की ठगी, वीडियो में देखें अंतर्राज्यीय गिरोह के दो इनामी आरोपी सिलीगुड़ी से गिरफ्तार
देशभर के व्यापारियों को रेडियोएक्टिव प्लेट, दुर्लभ पेंटिंग, मैजिकल चश्मा और करामती सुलेमानी माला जैसे कथित चमत्कारी सामान का लालच देकर करोड़ों की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के दो इनामी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित था और वे पिछले कई सालों से फरार चल रहे थे।
कार्रवाई बनीपार्क थाना पुलिस ने की। थाना प्रभारी मनोज कुमार बेरवाल के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी और खुफिया सूचना के आधार पर आरोपियों को ट्रेस किया। इसके बाद टीम ने सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) में दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनय उर्फ बिनय पोद्दार और विकास उर्फ बिकास पोद्दार के रूप में हुई है। दोनों लंबे समय से पुलिस की नजरों से बचते हुए अलग-अलग राज्यों में छिपकर रह रहे थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह देशभर के व्यापारियों और निवेशकों को ‘दुर्लभ और चमत्कारी वस्तुओं’ का झांसा देता था। आरोपी दावा करते थे कि उनके पास रेडियोएक्टिव प्लेट, प्राचीन पेंटिंग, मैजिकल चश्मा और करामती सुलेमानी माला जैसी वस्तुएं हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों की कीमत है। वे इन्हें ऊंचे मुनाफे का लालच देकर बेचने या निवेश कराने का प्रस्ताव देते थे।
लालच में आकर कई व्यापारी इनके झांसे में फंस गए और बड़ी रकम निवेश कर दी। बाद में पता चला कि ये सभी वस्तुएं नकली थीं और आरोपियों ने करीब 26 करोड़ रुपए की ठगी को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी साल 2019 से फरार थे। इनके खिलाफ जयपुर सहित अन्य राज्यों में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरोह के कुछ अन्य सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान गिरोह के नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने किन-किन राज्यों में लोगों को अपना शिकार बनाया।
फिलहाल, दोनों आरोपियों को जयपुर लाकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने आम लोगों और व्यापारियों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध निवेश या चमत्कारी दावों से सतर्क रहें और ऐसे मामलों की तुरंत सूचना पुलिस को दें।