वीडियो में जाने 900 करोड़ के जल जीवन मिशन घोटाले में ACB ने किए बड़े गिरफ्तारी और छापेमारी के प्रयास
राजस्थान में 900 करोड़ रुपए के जल जीवन मिशन घोटाले के सिलसिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार सुबह कई बड़े अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की। इस कार्रवाई के तहत जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के चीफ इंजीनियर दिनेश गोयल को उदयपुर के फाइव स्टार होटल ताज अरावली से गिरफ्तार किया गया।
सूत्रों के अनुसार, दिनेश गोयल के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत बड़े पैमाने पर धन का दुरुपयोग और गबन किया। गिरफ्तार करने के बाद उन्हें जयपुर ले जाया गया, जहां उनसे मामले से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे।
इसी क्रम में, PHED जोधपुर में पोस्टेड एक्सईएन विशाल सक्सेना को टीम ने मंगलवार सुबह 5 बजे बाड़मेर रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिया। दोनों अधिकारियों को लेकर ACB की टीमें जयपुर रवाना हो गईं, ताकि मामले की आगे की जांच और पूछताछ की जा सके।
मंगलवार सुबह राजस्थान सहित कई राज्यों में ACB की टीमों ने छापेमारी की। इस घोटाले के सिलसिले में अब तक रिटायर्ड IAS अधिकारी सुबोध अग्रवाल सहित कुल 15 आरोपियों के ठिकानों पर जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी में दस्तावेज, फाइलें और डिजिटल सबूत जुटाए जा रहे हैं, जो घोटाले की पूरी जांच में मदद करेंगे।
जल जीवन मिशन घोटाले की जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि सालों से विभागीय प्रक्रियाओं में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार हो रहा था। जांच में सामने आया है कि धन के बड़े हिस्से का सही उपयोग नहीं हुआ और सरकारी फंड का दुरुपयोग किया गया। ACB की टीम इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि कौन-कौन से अधिकारी और अन्य लोग इस घोटाले में सीधे शामिल थे।
ACB अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई और छापेमारी का उद्देश्य संपूर्ण मामले को पारदर्शी ढंग से उजागर करना है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना है। उन्होंने कहा कि यह घोटाला राजस्थान के सरकारी परियोजनाओं में भ्रष्टाचार की गंभीरता को उजागर करता है और इससे संबंधित सभी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि जल जीवन मिशन जैसे बड़े पैमाने के सरकारी कार्यक्रम में भ्रष्टाचार का खुलासा न केवल प्रशासनिक सुधार की जरूरत को दर्शाता है, बल्कि यह आम जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि राज्य सरकार और ACB भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती बरत रही है।
इस घोटाले की जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए जाएंगे, और आवश्यक होने पर अदालत में मुकदमे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और कानूनी ढंग से की जा रही है।
इस प्रकार, जल जीवन मिशन घोटाले में ACB की मंगलवार सुबह की कार्रवाई और छापेमारी ने राजस्थान के सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने का संदेश दिया है। दिनेश गोयल और विशाल सक्सेना की गिरफ्तारी, साथ ही 15 अन्य आरोपियों के ठिकानों पर चल रही छापेमारी, इस मामले की गंभीरता और प्रशासन की सक्रियता को उजागर करती है।