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राजस्थान में फर्जी दस्तावेज़ से नौकरी हासिल करने का मामला, वीडियो में देंखे स्कूल लेक्चरर SOG की गिरफ्त में

 

राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने कार्रवाई करते हुए एक स्कूल लेक्चरर को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल की थी।एसओजी अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने प्रतियोगी परीक्षा में फर्जी आवेदन और बैक डेट में तैयार की गई मार्कशीट के जरिए चयन प्रक्रिया को प्रभावित किया और स्कूल लेक्चरर के पद पर नियुक्ति प्राप्त की।

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एडीजी विशाल बंसल ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान अशोक कुमार यादव, निवासी कालाडेरा (चौमूं) के रूप में हुई है। वर्तमान में वह सीकर जिले के श्रीमाधोपुर क्षेत्र स्थित शहीद गजराज सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दिवराला में कृषि विषय के व्याख्याता के पद पर कार्यरत था।यह मामला राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से आयोजित प्राध्यापक/व्याख्याता कृषि विज्ञान प्रतियोगी परीक्षा-2022 से जुड़ा है। एसओजी को इस परीक्षा और चयन प्रक्रिया में फर्जीवाड़े की शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने अपने शैक्षणिक दस्तावेजों में हेरफेर कर गलत तरीके से पात्रता हासिल की थी। प्रारंभिक जांच में बैक डेट में तैयार की गई मार्कशीट और आवेदन प्रक्रिया में अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।एसओजी ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को बुधवार रात गिरफ्तार किया और गुरुवार सुबह उसे अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

अधिकारियों का कहना है कि रिमांड अवधि के दौरान दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी और यह भी पता लगाया जाएगा कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि एसओजी का कहना है कि इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि सिस्टम में पारदर्शिता बनी रहे।कुल मिलाकर, यह मामला सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में फर्जीवाड़े और दस्तावेजों की जांच व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है।