खाद्य पदार्थों में मिलावट पर हाईकोर्ट सख्त, वीडियो में जाने सरस-अमूल समेत सभी डेयरी एजेंसियों की जांच के दिए निर्देश
खाद्य पदार्थों में मिलावट की बढ़ती शिकायतों पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने सरस, अमूल, लोटस और मदर डेयरी समेत दूध एवं डेयरी उत्पाद बेचने वाली सभी एजेंसियों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि यह भी पता लगाया जाए कि ये संस्थाएं सिंथेटिक और मिलावटी उत्पादों की रोकथाम के लिए कौन-सी तकनीक और व्यवस्था अपना रही हैं।
डेयरी एजेंसियों की होगी जांच
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और न्यायमूर्ति मनीष शर्मा की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि दूध और डेयरी उत्पादों का विक्रय करने वाली सभी प्रमुख एजेंसियों का निरीक्षण किया जाए। जांच के दौरान यह देखा जाए कि मिलावटी और सिंथेटिक उत्पादों की रोकथाम के लिए उनके पास क्या व्यवस्था और तकनीक मौजूद है।
कोर्ट में पेश करनी होगी रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को सभी एजेंसियों के निरीक्षण के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
यूरिया के इस्तेमाल पर जताई चिंता
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता एमएस सिंघवी ने अदालत को बताया कि औद्योगिक उपयोग वाला यूरिया बड़े पैमाने पर पशुओं के चारे में मिलाया जा रहा है। उनका कहना था कि यदि पशु यूरिया युक्त चारा खाते हैं तो उनके शरीर में नाइट्रोजन और यूरिया का स्तर बढ़ जाता है, जिससे दूध की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
स्वप्रेरणा से दर्ज याचिका पर सुनवाई
हाईकोर्ट खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम से जुड़े मामले में स्वप्रेरणा से दर्ज जनहित याचिका और अन्य संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। अदालत ने इस मामले को जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए संबंधित विभागों को प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।