×

जयपुर के सांगानेर की 848 फैक्ट्रियों को हाईकोर्ट से राहत, वीडियो में देंखे कुर्की का आदेश रद्द

 

राजस्थान हाईकोर्ट ने विस्तृत सुनवाई के बाद सांगानेर स्थित 848 टेक्सटाइल फैक्ट्रियों के खिलाफ पारित आदेश को पूरी तरह निरस्त कर दिया है। इससे फैक्ट्री मालिकों को बड़ी राहत मिली है, जो लंबे समय से इस फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/5SSq_oKe8mY?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/5SSq_oKe8mY/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

दरअसल, जयपुर कॉमर्शियल कोर्ट ने 14 फरवरी 2025 को एक अहम फैसला सुनाते हुए इन सभी फैक्ट्रियों को सीज करने और उनकी संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी किए थे। इस फैसले के बाद उद्योग जगत में हलचल मच गई थी और कई फैक्ट्री मालिकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया था।

हालांकि, इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पहले ही अंतरिम राहत देते हुए आदेश पर रोक लगा दी थी। अब अंतिम सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने न केवल उस आदेश को रद्द कर दिया है, बल्कि मामले को दोबारा सुनवाई के लिए कॉमर्शियल कोर्ट को वापस भेज दिया है।

क्या होगा आगे:
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब कॉमर्शियल कोर्ट को इस मामले की नए सिरे से सुनवाई करनी होगी। कोर्ट को सभी पक्षों की दलीलों और तथ्यों को ध्यान में रखते हुए दोबारा निर्णय लेना होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला उद्योग जगत के लिए राहत भरा है, क्योंकि इससे फैक्ट्रियों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से कोई खतरा नहीं रहेगा। हालांकि, अंतिम फैसला आने तक कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

उद्योग पर असर:
सांगानेर क्षेत्र जयपुर का प्रमुख टेक्सटाइल हब माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में रंगाई-छपाई की फैक्ट्रियां संचालित होती हैं। यहां का उद्योग हजारों लोगों को रोजगार देता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान करता है। इस फैसले से न केवल फैक्ट्री मालिकों को राहत मिली है, बल्कि यहां काम करने वाले श्रमिकों और व्यापारियों को भी अनिश्चितता से बाहर निकलने का मौका मिला है।