हनुमान बेनीवाल ने फोन पर की किरोड़ीलाल मीणा से बात, वीडियो में जानें मानसरोवर में होगी एक लाख युवाओं की रैली
राजस्थान में पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर युवा वर्ग का गुस्सा अब आंदोलन के रूप में सामने आने जा रहा है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने शुक्रवार को ऐलान किया कि आगामी 25 मई को जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र में एक लाख युवाओं की बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। इस रैली के जरिए वे राज्य सरकार और सिस्टम को यह स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि अब राजस्थान में पेपर लीक जैसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भीषण गर्मी में भी जुटेगा युवा जोश
बेनीवाल ने कहा कि, "राजस्थान का नौजवान अब जाग चुका है। वह 50 डिग्री सेल्सियस की तपती गर्मी में भी मैदान में उतरकर यह साबित करेगा कि उसकी चुप्पी अब टूट चुकी है।" उन्होंने यह भी कहा कि यह आंदोलन सिर्फ एक दिन का प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक बदलाव की शुरुआत है।
पेपर लीक को लेकर सरकार पर साधा निशाना
अपने बयान में सांसद बेनीवाल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पेपर लीक अब "व्यवस्था का हिस्सा" बन चुका है। यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित भ्रष्टाचार का नतीजा है, जिसमें युवाओं का भविष्य दांव पर लग गया है।
किरोड़ी लाल मीणा से की टेलीफोन पर बातचीत
इस दौरान हनुमान बेनीवाल ने भाजपा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा से टेलीफोन पर बात की। दोनों नेताओं के बीच आंदोलन को लेकर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि यह बातचीत राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इस आंदोलन को और मजबूत करने की दिशा में की गई है। हालांकि, मीणा की ओर से अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
युवाओं को दिया आंदोलन में शामिल होने का आह्वान
बेनीवाल ने राज्यभर के युवाओं से अपील की कि वे बड़ी संख्या में 25 मई को जयपुर के मानसरोवर ग्राउंड पर पहुंचें और इस लड़ाई में अपनी भागीदारी दर्ज कराएं। उन्होंने कहा, "यह लड़ाई सिर्फ नौकरी या परीक्षा की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की है।" उन्होंने यह भी कहा कि इस बार का आंदोलन इतना निर्णायक होगा कि "राजस्थान में दोबारा कभी पेपर लीक की कोई घटना नहीं होगी।"
राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज
इस रैली और आंदोलन की घोषणा के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक ओर जहां युवाओं में उत्साह देखा जा रहा है, वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी इस बड़े जमावड़े को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसे राजस्थान में आगामी चुनावों से पहले युवाओं की नाराजगी और जागरूकता का संकेत माना जा रहा है।