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गोविंद देवजी मंदिर का महाकाल की तर्ज पर होगा विकास, फुटेज में देंखे मेट्रो विस्तार पर भी मंथन

 

जयपुर के प्रसिद्ध गोविंद देवजी मंदिर के विकास को लेकर पिछली सरकार की बजट घोषणा अब फिर से पटरी पर लौटती नजर आ रही है। देर रात विधानसभा में अनुदान मांगों पर हुई बहस का जवाब देते हुए यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने ऐलान किया कि मंदिर के पर्यटन विकास से जुड़े 100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर आगे काम किया जाएगा।

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मंत्री ने बताया कि वर्ष 2023-24 के बजट भाषण में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने गोविंद देवजी मंदिर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 100 करोड़ रुपये की घोषणा की थी। इसके तहत मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई थी। प्रोजेक्ट के लिए एक कंसल्टेंट भी नियुक्त किया गया था और प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार होने के बाद किसी कारणवश काम रोक दिया गया था। अब सरकार इस योजना को पुनः शुरू कर आगे बढ़ाएगी।

खर्रा ने कहा कि मंदिर का विकास उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर किया जाएगा, जहां धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसी मॉडल को ध्यान में रखते हुए गोविंद देवजी मंदिर परिसर में आधारभूत ढांचे का सुदृढ़ीकरण, श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं और पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में पारंपरिक स्वरूप और धार्मिक आस्था का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उद्देश्य यह है कि मंदिर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गरिमा अक्षुण्ण रहे, साथ ही देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।

इसी दौरान मंत्री ने जयपुर मेट्रो के विस्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि जयपुर मेट्रो के फेज-2 के लिए विस्तृत ट्रैफिक और ट्रांसपोर्ट अध्ययन, सर्वेक्षण तथा वित्तीय-आर्थिक विश्लेषण के आधार पर वैज्ञानिक तरीके से रूट तय किया गया है।

प्रह्लादपुरा से टोडी मोड़ तक प्रस्तावित कॉरिडोर ऐसे क्षेत्रों को जोड़ेगा जहां यात्री भार अधिक है। मंत्री के अनुसार, यह कॉरिडोर शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और जाम की समस्या से राहत दिलाने की दिशा में ठोस कदम साबित होगा।

खर्रा ने यह भी कहा कि जगतपुरा और वैशाली नगर जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में मेट्रो विस्तार की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा। इन इलाकों में आबादी और यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में सार्वजनिक परिवहन के सशक्त विकल्प की आवश्यकता है।

सरकार का मानना है कि धार्मिक पर्यटन और आधुनिक शहरी परिवहन, दोनों क्षेत्रों में समानांतर विकास से जयपुर की पहचान और भी मजबूत होगी। गोविंद देवजी मंदिर के विकास और मेट्रो विस्तार की इन घोषणाओं को शहर के बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।