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जयपुर विधानसभा में बजट बहस के दौरान लिंगभेद टिप्पणी, भाजपा सदस्य की बात से हंसी और सियासी विवाद

 

सोमवार को राजस्थान विधानसभा में बजट पर बहस के दौरान भाजपा सदस्य बहादुर सिंह की एक टिप्पणी ने सदन में हंगामा और हंसी दोनों का माहौल पैदा कर दिया। उन्होंने बजट तुलना के नाम पर ऐसा बयान दिया, जिसे कई लोगों ने लिंगभेदपूर्ण माना।

सूत्रों के अनुसार, बहस के दौरान बहादुर सिंह ने बजट के आंकड़ों और विभिन्न क्षेत्रों के खर्च की तुलना करते समय ऐसा उदाहरण दिया, जिसने सदन में मौजूद विधायकों के बीच हंसी का कारण बन गया। हालांकि, यह टिप्पणी केवल हास्य तक सीमित नहीं रही, बल्कि राजनीतिक गलियारों में इस पर विवाद भी खड़ा हो गया।

विपक्षी दलों ने इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना की और इसे महिलाओं और समाज के संवेदनशील मुद्दों के प्रति असंवेदनशील बताया। कुछ विधायकों ने इसे सदन की गरिमा के खिलाफ भी माना। विपक्ष ने मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से इस मामले में संज्ञान लेने की मांग की।

भाजपा के नेता ने कहा कि यह टिप्पणी अनजाने में हुई थी और उनका उद्देश्य किसी को अपमानित करना नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट तुलना के दौरान हल्के-फुल्के अंदाज में कही गई बात को बड़ा विवाद नहीं बनाया जाना चाहिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि विधानसभा जैसी संवैधानिक संस्था में लिंगभेद संबंधी टिप्पणियों से सावधानी बरतना जरूरी है। इस तरह की टिप्पणियाँ राजनीतिक विवाद को जन्म देती हैं और मीडिया में चर्चा का विषय बन जाती हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह मामला विधानसभा में न केवल सदन के भीतर की राजनीति बल्कि सामाजिक मुद्दों और संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि नेताओं को भाषण और बहस के दौरान इस तरह के मामलों से बचना चाहिए, ताकि किसी समुदाय या लिंग विशेष की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।

सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार समूहों ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त की है और सदन में लिंग समानता के प्रति सम्मान बनाए रखने की अपील की है।

इस घटना के बाद विधानसभा में कुछ समय तक चर्चा और हल्की खींचतान का माहौल बना रहा, लेकिन बहस जारी रही। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में मीडिया और राजनीतिक दलों के बीच बहस का केंद्र बना रहेगा।