जयपुर में बच्चों से चोरी कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 17 साइबर अपराधी गिरफ्तार, वीडियो में जाने 1.5 करोड़ के मोबाइल बरामद
राजस्थान की राजधानी Jaipur में पुलिस ने एक बड़े संगठित अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसमें कथित रूप से बच्चों से चोरी करवाने और साइबर अपराध में संलिप्त गिरोह सक्रिय था। यह कार्रवाई जयपुर साउथ पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान “ऑपरेशन म्यूल हंटर” के तहत की गई।पुलिस के अनुसार, यह गिरोह शहर की भीड़भाड़ वाली जगहों जैसे सब्जी मंडियों और हटवाड़ा जैसे इलाकों में बच्चों का इस्तेमाल कर मोबाइल चोरी करवाता था। चोरी के बाद इन मोबाइलों को अलग-अलग माध्यमों से बेचा जाता था और अवैध नेटवर्क में इस्तेमाल किया जाता था।
कार्रवाई के दौरान Mahesh Nagar थाना क्षेत्र की सब्जी मंडी में सक्रिय मोबाइल चोर गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में चोरी किए गए मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क केवल चोरी तक सीमित नहीं था, बल्कि साइबर अपराध से भी जुड़ा हुआ था। गिरोह के सदस्य बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन के जरिए अवैध धन को इधर-उधर करते थे, जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई को और जटिल बनाया जा सके।
जयपुर साउथ पुलिस ने इस ऑपरेशन में कुल 15 मामले दर्ज करते हुए 17 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 31 संदिग्धों को BNSS के तहत हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और धीरे-धीरे बच्चों को अपराध में शामिल कर रहा था, जो कि एक बेहद गंभीर सामाजिक और कानूनी मुद्दा है। बच्चों का इस तरह से इस्तेमाल करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि उनके भविष्य के लिए भी खतरा पैदा करता है।
जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन, मोबाइल चोरी के आगे के चैनल और साइबर फ्रॉड से जुड़े लिंक की गहन जांच कर रही हैं। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह से जुड़े और भी लोग सामने आ सकते हैं।अधिकारियों ने कहा है कि शहर में इस तरह के संगठित अपराधों पर रोक लगाने के लिए निगरानी और सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना पुलिस को दें। फिलहाल यह मामला जयपुर में साइबर क्राइम और संगठित चोरी के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।