जयपुर में गिरोह का पर्दाफाश: धार्मिक आयोजनों में चेन स्नेचिंग करने वाली अंतरराज्यीय महिला गैंग गिरफ्तार
राजस्थान की राजधानी जयपुर में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय महिला चेन स्नेचिंग गैंग को पकड़कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरोह धार्मिक आयोजनों, कलश यात्राओं और कथाओं के दौरान महिलाओं को निशाना बनाकर उनके सोने की चेन और लॉकेट छीने जाने की गंभीर वारदातों में शामिल था। जयपुर के मानसरोवर थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम ने इस गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से जुड़े हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपित महिलाएं धार्मिक कार्यक्रमों और भीड़भाड़ वाले आयोजनों में श्रद्धालुओं के बीच घुल-मिल कर घूमती थीं। भीड़ के बीच उपयुक्त मौके का फायदा उठाकर वे महिलाओं की चेने या मंगलसूत्र तोड़कर मौके से फरार हो जाती थीं। अधिकारियों ने बताया कि इस गिरोह ने पहले भी दौसा जिले के सलेमपुर में आयोजित रामकथा जैसे आयोजनों में चोरी की कई घटनाओं को अंजाम दिया था।
गिरफ्तार महिलाओं की पहचान इस प्रकार हुई है: नीलम उर्फ नितिका, विधा उर्फ शकुंतला, रानी उर्फ बछिला, बिजली, निशा, चित्रा और संजोता। ये सभी महिलाएं उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी और आगरा, तथा मध्य प्रदेश के ग्वालियर की निवासी हैं। पुलिस के अनुसार इनके खिलाफ राजस्थान सहित अन्य राज्यों में भी चोरी और स्नेचिंग के कई मामले दर्ज हैं।
पुलिस उपायुक्त (DCP) राजर्षि राज ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि यह गैंग 15 सितंबर को केएल सैनी स्टेडियम से निकली कलश यात्रा में सक्रिय थी और फिर मानसरोवर क्षेत्र में आयोजित कथा कार्यक्रम में भी वारदात करने की फिराक में थी। इस सूचना पर पुलिस ने अभियान चलाकर भीड़ वाले स्थान पर दबिश दी और सातों आरोपियों को पकड़ लिया।
जांच अधिकारी बता रहे हैं कि यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से धार्मिक अवसरों का फायदा उठाता था। कार्यक्रमों में भारी भीड़ होने की वजह से लोग ध्यान नहीं दे पाते थे, जिससे आरोपियों को आसानी से चोरी करने का मौका मिल जाता था। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से सोने के लॉकेट और टूटी हुई चेन बरामद की गई हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे महीनों से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
पुलिस अब इन आरोपित महिलाओं से अन्य संभावित चोरी एवं स्नेचिंग मामलों को लेकर भी पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने किन-किन जगहों पर अपराध को अंजाम दिया। साथ ही जांच यह भी कर रही है कि गिरोह को कहीं कोई बाहरी समर्थन या नेटवर्क तो नहीं मिलता रहा।
यह मामला एक बार फिर से यह सवाल उठाता है कि कैसे चेन स्नेचिंग जैसी सामाजिक अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता और पुलिस की सक्रियता आवश्यक है। चेन स्नेचिंग और पर्स चोरी जैसी वारदातें आम जनजीवन में महिलाओं की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करती हैं, खासकर भीड़भाड़ वाले आयोजनों में। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके लिए न केवल पुलिस के सतर्क रहने की जरूरत है, बल्कि आम लोगों को भी खुद सतर्क और सावधान रहना चाहिए ताकि ऐसे अपराधियों को मौका ही न मिल सके।