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पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने भाजपा छोड़ी, फुटेज में जानें कांग्रेस में शामिल होने की तैयारी, बोले - यहां मेरा दम घुट रहा

 

राजस्थान की राजनीति में बड़ा सरगर्मी देखने को मिल रही है। पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने भाजपा छोड़ने का ऐलान कर दिया है। मालवीय ने कांग्रेस में शामिल होने के लिए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष को पत्र लिखा है। रविवार को जयपुर में उन्होंने कांग्रेस के महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा, पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली से मुलाकात की।

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मालवीय ने कहा कि भाजपा की सत्ता में रहते हुए भी मैं जनता के काम नहीं करा पा रहा था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भाजपा सरकार में गरीबों की सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने बताया कि मनरेगा का भुगतान महीनों से अटका हुआ है, किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रही, और ग्रामीण जनता समस्याओं से जूझ रही है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर समस्याओं से अवगत कराया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इसी कारण उन्होंने भाजपा छोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा, “जब जनता के हित में काम नहीं हो पा रहा और प्रशासन सुनने को तैयार नहीं है, तो मुझे अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं होती।”

मालवीय के भाजपा छोड़ने का कदम राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बन गया है। उनका कांग्रेस में शामिल होना आगामी विधानसभा चुनावों को प्रभावित कर सकता है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि मालवीय जैसे लोकप्रिय नेता के कांग्रेस में शामिल होने से पार्टी को ग्रामीण और पिछड़े वर्ग के वोटरों पर फायदा मिल सकता है।

कांग्रेस नेताओं ने इस कदम को स्वागत योग्य बताया। गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि पार्टी हमेशा जनता की सेवा करने वाले नेताओं का स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि मालवीय की कांग्रेस में शामिल होने से संगठन को मजबूती मिलेगी और पार्टी जनता तक अपने संदेश को और प्रभावी ढंग से पहुंचा पाएगी।

मालवीय ने कांग्रेस में शामिल होने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट किया कि उनका मकसद केवल जनता की सेवा है और राजनीति में हमेशा से उनका लक्ष्य समाज के कमजोर वर्गों की समस्याओं को हल करना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी प्राथमिकता लोगों की समस्याओं को हल करना और उन्हें राहत पहुँचाना है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मालवीय का भाजपा छोड़ना और कांग्रेस में शामिल होना आगामी चुनावों में राजस्थान की सियासी तस्वीर बदल सकता है। मालवीय के समर्थक और ग्रामीण क्षेत्रों में उनके प्रभाव को देखते हुए, यह कदम कांग्रेस के लिए एक रणनीतिक जीत साबित हो सकता है।

इस घटनाक्रम के बाद राजस्थान की सियासत में हलचल तेज हो गई है। आगामी दिनों में मालवीय की कांग्रेस में औपचारिक शामिल होने की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद वह पार्टी की विभिन्न योजनाओं और चुनावी तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

मालवीय का यह कदम भाजपा के लिए राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी के अंदर भी उनके जाने की खबर से हलचल मची है। वहीं कांग्रेस इसे अपने लिए राजनीतिक मजबूती के रूप में देख रही है और आगामी चुनावों में इसका रणनीतिक फायदा उठाने की तैयारी कर रही है।