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जे.के. लोन हॉस्पिटल में महिला कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन, फुटेज में देंखे नर्सिंग कर्मचारी पर छेड़छाड़ का आरोप

 

शहर के जे.के. लोन हॉस्पिटल में आज सुबह कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत महिला कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि अस्पताल में कार्यरत एक नर्सिंग कर्मचारी ने एक महिला कर्मचारी के साथ अनुचित व्यवहार किया, जिससे उन्हें सुरक्षा की चिंता हुई। इस घटना के बाद पीड़ित महिला और अन्य कर्मचारी अस्पताल प्रशासन और पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुंचे।

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विरोध प्रदर्शन में शामिल महिला कर्मचारियों ने बताया कि घटना देर रात वार्ड में हुई। पीड़ित महिला कर्मचारी, जो वार्ड हेल्पर के रूप में कार्यरत हैं, ने बताया कि रात लगभग दो बजे उन्होंने वार्ड के अंदर बने वॉशरूम का इस्तेमाल किया। वॉशरूम से बाहर निकलते ही नर्सिंग कर्मचारी गेट के बाहर खड़ा था।

पीड़ित महिला ने कहा, “जैसे ही मैं गेट से बाहर निकली, उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे पास में रखी बेंच पर बैठा लिया। इसके बाद उसने मेरे दोनों कंधे पकड़ लिए। मैंने जोर लगाया और खुद को छुड़ाया। यह घटना मेरे लिए बेहद डरावनी और अपमानजनक थी।”

महिला कर्मचारियों ने इस घटना को गंभीर मानते हुए इसे एसएमएस थाना पुलिस और जे.के. लोन हॉस्पिटल प्रशासन के संज्ञान में लाया। उन्होंने कहा कि ऐसे घटनाएं कर्मचारियों के कामकाज और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालती हैं। इसलिए उन्होंने न केवल आरोपी नर्सिंग कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, बल्कि अस्पताल में कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाने की भी मांग की।

इस मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन ने फिलहाल कोई विस्तृत बयान नहीं दिया है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने भी घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

महिला अधिकारों और कार्यस्थल सुरक्षा के विशेषज्ञों के अनुसार, अस्पताल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। उनका कहना है कि अस्पताल कर्मचारियों और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

सुरक्षा और कार्यस्थल अधिकारों के सवाल पर विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि अस्पतालों में CCTV कैमरों की निगरानी, नियमित सुरक्षा ऑडिट और कर्मचारियों के लिए शिकायत निवारण प्रणाली को सुदृढ़ करना बेहद जरूरी है।

वहीं, विरोध प्रदर्शन करने वाली महिला कर्मचारियों ने मीडिया को बताया कि वे इस मामले को पूरी गंभीरता से उठा रही हैं और यह सुनिश्चित करेंगी कि दोषी नर्सिंग कर्मचारी के खिलाफ उचित कार्रवाई हो। उनका यह भी कहना है कि अस्पताल प्रशासन को कर्मचारियों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करना होगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

इस घटना ने जयपुर के अस्पतालों में कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार समूहों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को तत्काल प्रभाव से नीतियों में बदलाव लाना चाहिए और सभी कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

इस घटना की जांच और आरोपी नर्सिंग कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के परिणाम आने वाले दिनों में स्पष्ट होंगे। फिलहाल, अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि वे सभी संबंधित पक्षों से बातचीत कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेंगे।