सड़क परिवहन राज्य मंत्री के नाम पर फर्जी दौरा कार्यक्रम जारी, एक्सक्लूसिव फुटेज में जाने सरकारी सुविधाएं लेने की साजिश
सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री के नाम पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक शातिर व्यक्ति ने मंत्री के कथित दौरे का फर्जी कार्यक्रम जारी कर सरकारी सुविधाएं हासिल करने की कोशिश की। इस फेक प्लान में तीन दिनों की प्रस्तावित यात्रा, अधिकारियों के साथ बैठकों और यहां तक कि मुख्यमंत्री से मुलाकात तक का विस्तृत ब्योरा शामिल था।
मामले का खुलासा होने के बाद राजस्थान सचिवालय के डिप्टी चीफ प्रोटोकॉल अधिकारी ने अशोक नगर थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। पुलिस ने धोखाधड़ी, कूटरचना और सरकारी पद का दुरुपयोग करने जैसी धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, डिप्टी चीफ प्रोटोकॉल अधिकारी मानसिंह मीणा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि मंत्री कार्यालय के नाम और अधिकार का गलत इस्तेमाल करते हुए सरकारी तंत्र को गुमराह करने की कोशिश की गई। 19 फरवरी को भारत सरकार के सामान्य परिवहन एवं राजमार्ग विभाग के नाम से एक पत्र प्राप्त हुआ था। इस पत्र में करण सिंह नामक व्यक्ति ने स्वयं को मंत्री का ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) बताते हुए विस्तृत दौरा कार्यक्रम भेजा।
फर्जी पत्र में उल्लेख था कि मंत्री तीन दिनों के दौरे पर राजस्थान आएंगे और इस दौरान विभिन्न विभागीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट का समय भी तय बताया गया था। पत्र में प्रोटोकॉल, सुरक्षा, आवास और अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।
प्रोटोकॉल विभाग को पत्र की भाषा और प्रारूप पर संदेह हुआ, जिसके बाद संबंधित मंत्रालय से संपर्क कर पुष्टि की गई। जांच में पता चला कि ऐसा कोई आधिकारिक दौरा प्रस्तावित नहीं था और पत्र पूरी तरह फर्जी था। इसके बाद तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
अशोक नगर थाना पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर और दस्तावेजी जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी पत्र कहां से जारी हुआ और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते यह फर्जीवाड़ा पकड़ा नहीं जाता, तो आरोपी सरकारी संसाधनों, सुरक्षा और आवास सुविधाओं का अनुचित लाभ उठा सकता था। इस घटना ने सरकारी पत्राचार और प्रोटोकॉल प्रक्रिया की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
पुलिस ने आम नागरिकों और सरकारी विभागों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध पत्र या निर्देश की आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें। मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई किए जाने की संभावना है।