जयपुर में पहले दिन 186KM तक दौड़ी इलेक्ट्रिक बसें, ट्रायल में सामने आई चुनौतियां
राजधानी जयपुर में इलेक्ट्रिक बसों का पहला ट्रायल शुरू हो गया है, जिसमें पहले दिन बसों ने कुल 186 किलोमीटर की दूरी तय की। यह परीक्षण सरकार की योजना का हिस्सा है, जिसमें शहर में प्रदूषण कम करने और सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित, आर्थिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
ट्रायल के दौरान इलेक्ट्रिक बसों की कार्यक्षमता, बैटरी लाइफ, चार्जिंग समय और मार्ग संचालन की दक्षता को परखा गया। अधिकारियों ने बताया कि बसों ने शहर के विभिन्न रूटों पर दौड़ लगाई और आम जनता के लिए सुविधाओं और परिचालन की जांच की गई।
हालांकि, ट्रायल में कुछ चुनौतियां और सुधार के क्षेत्र भी सामने आए। अधिकारियों ने कहा कि लंबी दूरी पर बैटरी की खपत अधिक होने की संभावना है। विशेष रूप से गर्मियों में शहर के लंबी दूरी वाले रूट पर बस की क्षमता और चार्जिंग समय पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
सड़क पर ट्रायल के दौरान बसों की चार्जिंग स्टेशन की संख्या और दूरी भी अहम मुद्दा बनी। अधिकारियों ने कहा कि चार्जिंग नेटवर्क को और विस्तारित करना होगा ताकि बसें लंबी दूरी बिना रुकावट के पूरी कर सकें। इसके साथ ही, सिटी ट्रैफिक और पिक आवर्स में बसों की गति और समय पर संचालन पर भी निगरानी की गई।
ट्रायल में चालक और तकनीकी टीम ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें न केवल प्रदूषण कम करने में मददगार होंगी, बल्कि इनकी परिचालन लागत भी पारंपरिक डीजल बसों की तुलना में कम है। उन्होंने यह भी कहा कि नए मार्गों और स्टॉप पॉइंट्स के अनुसार बसों की योजना तैयार करने की आवश्यकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसें भविष्य के सार्वजनिक परिवहन के लिए अहम कदम हैं। हालांकि, लंबी दूरी और समयबद्ध संचालन की चुनौतियों को हल करना जरूरी है। बैटरी प्रबंधन, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और रख-रखाव के लिए तकनीकी सुधार आवश्यक हैं।
आम नागरिकों ने भी ट्रायल का अनुभव साझा किया। उनका कहना था कि बसें शांत, सुविधाजनक और आरामदायक हैं, लेकिन चार्जिंग और लंबी दूरी के रूट पर नियमित संचालन सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण होगा।
राजस्थान सरकार का कहना है कि जल्द ही पूरे शहर में इलेक्ट्रिक बसों की फ्लीट परिचालन शुरू किया जाएगा। ट्रायल के परिणामों के आधार पर रूट, चार्जिंग स्टेशन और संचालन समय में सुधार किया जाएगा ताकि आम जनता को बेहतर और भरोसेमंद परिवहन सेवा मिल सके।
अंततः, जयपुर में पहले दिन 186KM तक दौड़ी इलेक्ट्रिक बसों के ट्रायल ने यह साबित कर दिया है कि शहर में पर्यावरण-मैत्री और आधुनिक परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक बसें एक कारगर विकल्प बन सकती हैं। हालांकि, बैटरी क्षमता, चार्जिंग नेटवर्क और लंबी दूरी संचालन जैसी चुनौतियों पर ध्यान देना अभी आवश्यक है।